प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बदलाव, अब दो किस्तों में मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश राज्य

गौतमबुद्धनगर, 14 मार्च 2026

केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के अंतर्गत गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत प्रथम संतान तथा द्वितीय संतान बालिका होने पर लाभ दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार पहले तीन किस्तों में मिलने वाली ₹5000 की धनराशि अब दो किस्तों में दी जाएगी। इसके अलावा योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पिता के आधार कार्ड की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है, जिससे अब तलाकशुदा और सिंगल मदर महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल सकेगा। योजना के अंतर्गत पंजीकरण का प्रारूप प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने के बाद किया जाएगा और मिलने वाली धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने पर गर्भधारण से 570 दिन के भीतर लाभ के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को मिलने वाली धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त ₹3000 और दूसरी किस्त ₹2000 के रूप में लाभार्थी के पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाएगी। वहीं नई व्यवस्था के तहत दूसरी संतान बालिका होने पर ₹6000 की धनराशि एकमुश्त दी जाएगी, जिसके लिए शिशु के जन्म से 270 दिन के भीतर पंजीकरण कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए pmmvy.wcd.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए वित्तीय एवं साक्षरता विशेषज्ञ के मोबाइल नंबर 8882228683 पर संपर्क किया जा सकता है।
अब इस योजना को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है और इसमें फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्री पोर्टल पर सीधे लाभार्थी का ब्योरा दर्ज कर सकेंगी। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क कर सकती हैं। योजना के तहत प्रथम बच्चा या बच्ची तथा दूसरी संतान बालिका होने पर पात्रता के लिए लाभार्थी के पास निम्न में से कोई एक प्रमाण पत्र होना आवश्यक है— जिन महिलाओं की कुल वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम हो, मनरेगा जॉब कार्ड धारक महिलाएं, ई-श्रम कार्ड धारक महिलाएं, आयुष्मान भारत के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की लाभार्थी महिलाएं, आंशिक या पूर्ण रूप से दिव्यांग महिलाएं, बीपीएल राशन कार्ड धारक महिलाएं, अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाएं, किसान सम्मान निधि कार्ड धारक महिलाएं तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत राशन कार्ड लाभार्थी महिलाएं।

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