योगी कैबिनेट की बैठक में 27 अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर, जमीन रजिस्ट्री से लेकर कर्मचारियों के नियमों में होगा बड़ा बदलाव

उत्तर प्रदेश राज्य

योगी की कैबिनेट बैठक में 27 अहम फैसलों मुहर लगेगी। योगी सरकार जमीनों की रजिस्ट्री के नाम पर होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। अब रजिस्ट्री से पहले खतौनी और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज का भी सत्यापन अनिवार्य होगा। वहीं प्रदेश में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना शुरू होने से 12200 गांवों तक बस सेवा पहुंचेगी। साथ ही प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली में बदलाव से जुड़े कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। इसके तहत कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति से जुड़ा लेनदेन करता है तो उसे इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देनी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से कैबिनेट की बैठक होगी। लोक भवन में होने वाली इस बैठक में आवास, वित्त, परिवहन, कार्मिक और रजिस्ट्रेशन समेत अलग अलग विभागों के 27 से अधिक प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष विचारार्थ रखे जाएंगे। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद किसी भी जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा आसान नहीं होगा। कैबिनेट बैठक में सीएम ग्राम परिवहन योजना का प्रस्ताव भी है। इसके तहत ​दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक परिवहन सुविधानों को सुगम बनाया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को शहर आने-जाने में भारी सुविधा होगी। वहीं ​घर खरीदारों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की उम्मीद है।

आवास विभाग लाएगा ओटीएस

​आवास विभाग के तहत विकास प्राधिकरणों व आवास विकास के लंबे समय से अटके हुए या बिना बिके घरों के लिए सरकार ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) योजना शुरू करेगी। इसका लाभ प्रदेश के 19 हजार से अधिक डिफॉल्टरों को मिलने की उम्मीद है। साथ ही, पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत जरूरतमंदों को किफायती आवासों का लाभ मिलेगा। सीएम विस्तारीकरण योजना के तहत आठ शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग की आवासीय योजनाओं के लिए बजट को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, ‘गिफ्ट डीड’ पर स्टाम्प शुल्क को सरल बनाने और नई एफडीआई (एफडीआई) पॉलिसी से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट बैठक में विचार होगा।

राज्यकर्मचारियों को देनी होगी जानकारी

योगी सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए और सख्त कदम उठाने जा रही है। राज्य कर्मचारियो को एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टाक, शेयर या अन्य निवेश में लगाने पर इसकी जानकारी देना अनिवार्य किया जा रहा है। इसके लिए सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन किया जा रहा है। वर्तमान नियमावली में इसका कोई प्रावधान नहीं है।

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