राष्ट्रीय लोकदल ने 2022 में समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। रालोद को गठबंधन में सपा से 33 सीटें मिली थीं। लेकिन रालोद केवल 9 ही सीट जीत सकी।
पश्चिमी यूपी के एक बीजेपी पदाधिकारी ने बताया, अब रालोद का भाजपा के साथ गठबंधन है। विधानसभा चुनाव 2027 में भी दोनों का गठबंधन तय है। रालोद कम से कम 25 सीटों की मांग करेगी। बीजेपी को कम से कम 15 से 20 सीटें रालोद को गठबंधन में देनी पड़ेंगी। इनमें 9 सीटें तो वह हैं, जहां वर्तमान में रालोद के विधायक हैं।
वहीं, 10-11 सीटें वह होंगी, जहां रालोद बहुत कम अंतर से हारी होगी। उनका कहना है कि ऐसे में पश्चिमी यूपी में कम से कम 10 मौजूदा विधायक-मंत्रियों के या तो टिकट कटेंगे या उनकी सीट बदली जाएगी।
हाल ही में गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण की बयानबाजी को भी छाता से उनका सीट कटने की संभावना से जोड़ कर देखा जा रहा है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि भाजपा रालोद को अपनी जीती हुई सीटें देने की जगह सपा के कब्जे वाली सीटें दे।
