महाशिवरात्रि पर ब्रज के शिव मंदिरों में पूजा अर्चना को उमड़े ब्रजवासी

उत्तर प्रदेश राज्य

-ब्रज भूमि में सुबह से ही बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे

वी पी एस खुराना

मथुरा जनपद में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रजभूमि (मथुरा-वृंदावन) के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कान्हा की समूची क्रीड़ा स्थली ब्रज चौरासी कोस में शिव-भक्ति का संगम देखने को मिला, जहां सुबह से ही ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे थे। जलभिषेक चढ़ाने के लिए सुबह से ही सभी शिव मंदिर व शिवालयों में ब्रजवासियों की भीड़ लगी रही। शाम को मंदिरों में फूल बंगला व छप्पन भोग के दर्शन हुए।
रामघाट, राजघाट, सोरों, कछला आदि घाटों से आए शिव भक्त कांवड़ियों ने वृंदावन के प्रमुख गोपेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ चढ़ाकर और जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति की गूंज सुनाई दी। हर ओर से बोल बम, बम बम भोले के जयकारों की आवाज गूंजती रही। स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए हैं। मंदिर के बाहर प्रशासन ने रेलिंग लगाई है। रेलिंग से कतारबद्ध होकर भक्तजन मंदिर पहुंच रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल से लेकर मेडिकल सहायता तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।वृंदावन से कांवड़िये मथुरा के गोपेश्वर महादेव और भूतेश्वर महादेव मं​दिर पहुंचे। जहां से गोवर्धन के चकलेश्वर महादेव और कामवन के कामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर कावड़ियों ने जल चढ़ाकर बाबा विश्वनाथ की पूजा अर्चना की;
बाबा नंद की नगरी नंदगांव के प्रख्यात आशेश्वर महादेव मंदिर पर मध्यरात्रि से ही शिवभक्तों का तांता लग गया। श्रद्धालुओं ने विधि विधान से भोलेनाथ की पूजा कर मनौती मांगी। कांवड़ लेकर आए भोले भक्तों ने कांवड़ यात्रा पूरी की। इस दौरान शंकर लीला का आयोजन किया गया। बताते चलें नंदगांव का आशेश्वर महादेव मंदिर भगवान भोले नाथ और श्रीकृष्ण की द्वापर की लीला से जुड़ा स्थान है। दूरदराज के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ था।

डीएम एसएसपी ने प्रसिद्ध शिव मंदिरों में की पूजा अर्चना

वी पी एस खुराना

मथुरा। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने मथुरा शहर के भूतेश्वर महादेव मंदिर, महावन के चिंताहरण महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की औरशिवालयों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को परखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने प्रसिद्ध मंदिरों के गर्भगृह, निकास व प्रवेश द्वारों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मंदिर समितियों को निर्देश दिए कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और लंबी लाइनों में पेयजल व साफ-सफाई के उचित प्रबंध रहें। वहीं एसएसपी श्लोक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और सादे कपड़ों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से भी शांति बनाए रखने और अनुशासन के साथ दर्शन करने की अपील की।

शिवरात्रि पर नवविवाहितों व पुत्र प्राप्त होने पर चढ़ाई बैंड बाजों के साथ जेगर

मथुरा जनपद में धूम धाम मनाया गया महाशिवरात्रि पर ब्रज के शिव मंदिरों में पूजा अर्चना को उमड़े ब्रजवासी

-ब्रज भूमि में सुबह से ही बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगे

वी पी एस खुराना
मथुरा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रजभूमि (मथुरा-वृंदावन) के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कान्हा की समूची क्रीड़ा स्थली ब्रज चौरासी कोस में शिव-भक्ति का संगम देखने को मिला, जहां सुबह से ही ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे थे। जलभिषेक चढ़ाने के लिए सुबह से ही सभी शिव मंदिर व शिवालयों में ब्रजवासियों की भीड़ लगी रही। शाम को मंदिरों में फूल बंगला व छप्पन भोग के दर्शन हुए।
रामघाट, राजघाट, सोरों, कछला आदि घाटों से आए शिव भक्त कांवड़ियों ने वृंदावन के प्रमुख गोपेश्वर महादेव मंदिर में कांवड़ चढ़ाकर और जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति की गूंज सुनाई दी। हर ओर से बोल बम, बम बम भोले के जयकारों की आवाज गूंजती रही। स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए हैं। मंदिर के बाहर प्रशासन ने रेलिंग लगाई है। रेलिंग से कतारबद्ध होकर भक्तजन मंदिर पहुंच रहे हैं। ट्रैफिक कंट्रोल से लेकर मेडिकल सहायता तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।वृंदावन से कांवड़िये मथुरा के गोपेश्वर महादेव और भूतेश्वर महादेव मं​दिर पहुंचे। जहां से गोवर्धन के चकलेश्वर महादेव और कामवन के कामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर कावड़ियों ने जल चढ़ाकर बाबा विश्वनाथ की पूजा अर्चना की;
बाबा नंद की नगरी नंदगांव के प्रख्यात आशेश्वर महादेव मंदिर पर मध्यरात्रि से ही शिवभक्तों का तांता लग गया। श्रद्धालुओं ने विधि विधान से भोलेनाथ की पूजा कर मनौती मांगी। कांवड़ लेकर आए भोले भक्तों ने कांवड़ यात्रा पूरी की। इस दौरान शंकर लीला का आयोजन किया गया। बताते चलें नंदगांव का आशेश्वर महादेव मंदिर भगवान भोले नाथ और श्रीकृष्ण की द्वापर की लीला से जुड़ा स्थान है। दूरदराज के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ था।

डीएम एसएसपी ने प्रसिद्ध शिव मंदिरों में की पूजा अर्चना

वी पी एस खुराना

मथुरा। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने मथुरा शहर के भूतेश्वर महादेव मंदिर, महावन के चिंताहरण महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की औरशिवालयों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को परखते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसएसपी ने प्रसिद्ध मंदिरों के गर्भगृह, निकास व प्रवेश द्वारों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मंदिर समितियों को निर्देश दिए कि जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और लंबी लाइनों में पेयजल व साफ-सफाई के उचित प्रबंध रहें। वहीं एसएसपी श्लोक कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों और सादे कपड़ों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से भी शांति बनाए रखने और अनुशासन के साथ दर्शन करने की अपील की।

शिवरात्रि पर नवविवाहितों व पुत्र प्राप्त होने पर चढ़ाई बैंड बाजों के साथ जेगर

वी पी एस खुराना

मथुरा, वृंदावन,जैंत, छटीकरा, गोवर्धन, अड़ींग, राधाकुंड़, सौंख, मगोर्रा, ओल, बरसाना,नंदगांव, कोसीकला, छाता, खायरा, शेरगढ़,अकबरपुर, नरी सैमरी, चौमुहां, टाउनशिप, बरारी, फरह , गोकुल, महावन, बल्देव, राया, सौनई, सुरीर, नौहझील, मांट, टैंटीगांव और बाजना के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक किया। वहीं जिनके पुत्रों की इस वर्ष शादी हुई उनकी माताओं और जिन नवविवाहिताओं के यहां इस वर्ष पुत्र जन्म हुआ उन्होंने बैंड बाजों, डीजे की धुनों पर अपने अपने गांव कस्बों में सिर पर जेगर रखकर शिव मंदिरों में विधी-विधान से जेगर चढ़ाई। शिव मंदिरों के समीप महिलाओं ने बैंड बाजों के साथ नृत्य किया।वृंदावन,जैंत, छटीकरा, गोवर्धन, अड़ींग, राधाकुंड़, सौंख, मगोर्रा, ओल, बरसाना,नंदगांव, कोसीकला, छाता, खायरा, शेरगढ़,अकबरपुर, नरी सैमरी, चौमुहां, टाउनशिप, बरारी, फरह , गोकुल, महावन, बल्देव, राया, सौनई, सुरीर, नौहझील, मांट, टैंटीगांव और बाजना के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक किया। वहीं जिनके पुत्रों की इस वर्ष शादी हुई उनकी माताओं और जिन नवविवाहिताओं के यहां इस वर्ष पुत्र जन्म हुआ उन्होंने बैंड बाजों, डीजे की धुनों पर अपने अपने गांव कस्बों में सिर पर जेगर रखकर शिव मंदिरों में विधी-विधान से जेगर चढ़ाई। शिव मंदिरों के समीप महिलाओं ने बैंड बाजों के साथ नृत्य किया।

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