आईएसबीटी क्रॉसिंग और माजरा रोड पर सड़क अव्यवस्था पर प्रशासन का सख्त रुख

उत्तराखंड राज्य

देहरादून। शहर की सड़कों पर अव्यवस्था और आमजन को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड माजरा क्षेत्र में की जा रही रोड कटिंग पर कड़ा एक्शन लिया है।

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई जांच में रोड कटिंग की शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित एजेंसी की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है।

जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर आईएसबीटी क्रॉसिंग और सहारनपुर रोड माजरा में सड़क व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा 135 केवी आराघर सब-स्टेशन से निर्माणाधीन 132 केवी माजरा-लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत केबल के माध्यम से बिछाने के लिए दी गई रोड कटिंग अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा था।

प्रशासन ने बताया कि परियोजना समन्वय समिति के निर्णय के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा 16 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक, रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सीमित अवधि के लिए सशर्त अनुमति दी गई थी, किंतु मौके पर निर्धारित समय, सुरक्षा मानकों और यातायात प्रबंधन का पालन नहीं किया गया, जिससे आम जनमानस को भारी असुविधा, यातायात बाधा और सुरक्षा जोखिम का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अग्रिम आदेशों तक संबंधित स्थलों पर रोड कटिंग कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और अनुमति निरस्त कर दी गई है। साथ ही अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्रियान्वयन), पिटकुल को निर्देश दिए गए हैं कि 02 फरवरी 2026 की सायं तक सभी प्रभावित स्थलों पर सड़क का भरान कर यथास्थिति में रिस्टोरेशन कार्य सुनिश्चित किया जाए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक सड़क बहाली का कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो संबंधित अधिशासी अभियंता सहित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने कहा कि शहर की सड़कों, यातायात और नागरिक सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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