हिमाचल में सीबीएसई स्कूलों के लिए बड़ी भर्ती: 800 शिक्षकों को मिलेगा मौका

राज्य हिमाचल प्रदेश

शिमला। राज्य के 130 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अंग्रेजी और गणित विषय के 800 शिक्षकों की भर्ती होगी। यह भर्ती अस्थायी होगी लेकिन इसका जिम्मा सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर को सौंपा है। सरकार ने भर्ती अंग्रेजी व गणित विषय की भर्ती के लिए उप-योजना बनाई है। इसके तहत शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह अस्थायी होगी।

यह पांच वर्षों के लिए की जाएगी। इन शिक्षकों को 30,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। शैक्षणिक वर्ष में 10 महीनों तक ही देय होगा। यानि दो महीने का जो अवकाश होता है उनका मानदेय इन शिक्षकों को नहीं मिलेगा। विभाग के अनुसार भले ही यह भर्ती अस्थायी है लेकिन इसमें भी आरक्षण रोस्टर लगेगा।

400 पद अंग्रेजी व 400 पद गणित के होंगे। इन पदों में सामान्य, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी, ओबीसी, पूर्व सैनिक, बीपीएल, खेल कोटा और दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षण का प्रविधान किया गया है। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में राज्य चयन आयोग हमीरपुर सहित आरक्षित वर्ग के लिए संबंधित विभागों को भी पत्र लिखा गया है।

योग्यता और आयु सीमा

एमए/एमएससी गणित होना चाहिए। स्नातक व बीएड में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। इसी तरह अंग्रेजी विषय में भी एमए अंग्रेजी व न्यूंतम 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। आरक्षित वर्गों को अंकों में छूट मिलेगी।

आयु सीमा: 25 से 45 वर्ष (नियमानुसार छूट लागू) होगी। चयनित शिक्षक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के स्कूलों में नियुक्त किए जाएंगे। नियुक्ति का उद्देश्य सीबीएसई पाठ्यक्रम की गुणवत्ता सुधारना और राज्य के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने आयोग से आग्रह किया है कि इस भर्ती प्रक्रिया को अत्यंत प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके।

सीबीएसई को लिखा पत्र

स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से सीबीएसई को पत्र लिखा गया है। इसमें 33 और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ने का आग्रह किया गया है। विभाग की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि सरकार ने 200 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबंद्ध किया जाए।

अभी तक 100 स्कूलों को ही यह संबंद्धता मिली है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सीबीएसई से कई विशेष रियायतें देने का अनुरोध किया है।

यह मांगी छूट

  • -भूमि, भवन और कक्षा कक्ष मानकों में अस्थायी छूट
  • -ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों के लिए पंजीकरण व संबद्धता शुल्क में छूट या कमी
  • -कक्षा कक्ष के न्यूनतम आकार और खेल मैदान के मानकों में लचीलापन
  • -शिक्षक-छात्र अनुपात मानकों में राहत
  • -कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास सुविधाओं के लिए अतिरिक्त समय
  • -फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र और अन्य अनुपालन दस्तावेज जमा करने के लिए समय विस्तार
  • -अलग-अलग भवन परिसरों में संचालित स्कूलों को एक ही परिसर मानने की अनुमति
  • -दुर्गम क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के लिए विशेष एकमुश्त छूट।
  • राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं को पांच वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।

15 फरवरी से पहले संबद्धता का लक्ष्य

विभाग ने 15 फरवरी से पहले 33 अतिरिक्त स्कूलों को औपचारिक संबद्धता प्रदान की जाए, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता, राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और करियर के अधिक अवसर मिल सकें।

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