उत्तराखंड में ‘डबल इंजन’ और ‘सुशासन’ के दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी BJP, गैरसैंण सत्र से धामी सरकार ने तय किया एजेंडा

उत्तराखंड राज्य

देहरादून। उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव में डबल इंजन के दम पर बहुमुखी विकास और सुशासन भाजपा के मुख्य हथियार होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ये हथियार आक्रमण और ढाल, दोनों भूमिका निभाने जा रहे हैं।

गैरसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र, अवधि की दृष्टि से भले ही संक्षिप्त रहा, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य बजट की तर्ज पर समावेशी विकास के संदेश के साथ बड़े आकार के अनुपूरक बजट और विधेयकों के माध्यम से चुनावी घोषणापत्र की झलक पेश कर दी है।

इसे सरकार की शीर्ष प्राथमिकता के तौर पर सामने रखा ही गया, साथ में पहले रुद्रप्रयाग से गैरसैंण और फिर गैरसैंण से देहरादून का रास्ता मोटर मार्ग से तय कर मुख्यमंत्री ने जन संवाद और सुशासन के एजेंडे को धार दी।

प्रदेश में आमजन की आवश्यकता और आकांक्षा ढांचागत विकास, दूरस्थ क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, रोजगार व आजीविका के साधनों में वृद्धि है। साथ में प्रदेश के हर हिस्से में रहने वाले लोग चाहते हैं कि उनके नियमित हालचाल भी जाना जाए।

भाजपा की धामी सरकार ने पांचवीं विधानसभा के अंतिम कहे जा रहे गैरसैंण में विधानसभा सत्र के बहाने समग्र रूप से अपने इसी चुनावी रूपरेखा को जमीन पर उतारा।

मुख्यमंत्री धामी ने वर्षाकाल के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण के लिए तय की गई डेडलाइन की हकीकत जानने के लिए रुद्रप्रयाग से गैरसैंण तक मोटर मार्ग से निरीक्षण किया तो सत्र के समापन के बाद वापसी में हवाई सेवा के शार्टकट के स्थान पर, देहरादून तक मोटर मार्ग से होते हुए जगह-जगह जनता से प्रगाढ़ संवाद किया। अनुपूरक बजट में समाज के हर वर्ग के साथ खड़े होने का भरोसा और संकल्प, दोनों झलके हैं।

अनुपूरक बजट: समावेशी स्वरूप

प्रदेश सरकार ने अपने मूल बजट में संतुलन (एसएएनटीयूएलएएन) के फार्मूले को केंद्र में रखते हुए हर वर्ग को साधा तो अनुपूरक बजट में भी इसका बखूबी ध्यान रखा गया। बजट पोटली से अटल आयुष्मान, गोल्डन कार्ड योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जल जीवन मिशन, जोशीमठ में भू-धंसाव कार्यों के साथ लीसा टिपान, ट्राउट प्रोत्साहन, गोसदनों, पिरुल एकत्रीकरण के लिए अच्छी-खासी राशि की व्यवस्था की गई है।

उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष बड़ी समस्या का रूप ले चुका है। इससे राहत दिलाने समेत मौन पालन नीति के लिए भी धन दिया गया है। वन विभाग के अंतर्गत लालढांग, कौडिया-किमसार वन मार्ग का निर्माण हो या ग्रामीण सड़कों का जाल, सरकार ने दरियादिली दिखाने में कसर नहीं छोड़ी है।

गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित है, लेकिन यह क्षेत्र पेयजल संकट से जूझने के लिए विवश है। ऐसे में भविष्य की संभावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

यह है संतुलन का फार्मूला

एस-समावेशी, ए-आत्मनिर्भर, एन-नई सोच, टी-तीव्र विकास, यू- उन्नत गांव एवं शहर, एल-लोक सहभागिता। इसके माध्यम से बजट की विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य संधान के लिए भूमिका सुनिश्चित की गई है।

डबल इंजन का दम

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10110703.21 करोड़ के वार्षिक मुख्य बजट में निर्माण व विकास कार्यों के लिए पूंजीगत मद में 18,153 करोड़ की राशि रखी गई। राज्य बनने के 25 वर्ष की अवधि में पूंजीगत मद में यह अब तक सर्वाधिक बजट है।

अब चालू वित्तीय वर्ष में 7844.18 करोड़ के कुल बजट में से पूंजीगत मद में 4164.32 करोड़ की राशि रखी गई। चालू वर्ष में पूंजीगत मद का बजट बढ़कर 22,317 करोड़ हो गया है। पूंजीगत मद का सीधा संबंध विकास कार्यों की गति से है। इस पर राज्य के आत्मविश्वास भरे दांव के पीछे डबल इंजन का दम है।

केंद्र की पूंजीगत सहायता से संबंधित योजना एसएएससीआइ के अंतर्गत अवस्थापना विकास के लिए अनुपूरक बजट में 500 करोड़ रखे गए हैं।विकास की तमाम महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के साथ ही राज्य के वित्तीय प्रबंधन में केंद्र की वित्तीय सहायता महत्वपूर्ण भूमिका में है। डबल इंजन के बूते धामी सरकार के खाते में जमरानी बांध, सौंग बांध बहु़द्देश्यीय योजनाओं के साथ लखवाड़ व किशाऊ जैसी बड़ी परियोजनाएं जुड़ चुकी हैं।

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