मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सुशासन का संदेश दिया

उत्तराखंड राज्य

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों तथा सचिवालय परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के महान संकल्प, संघर्ष और दूरदृष्टि का प्रतीक है, जिसके बल पर देश एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।

मुख्य सचिव ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान को अंगीकार कर भारत ने यह स्पष्ट किया कि देश की सत्ता का अंतिम स्रोत उसकी जनता है। संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और चेतना का दर्पण है, जो हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि संविधान ने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक शासकीय कर्मी जनता का सेवक है और उसका प्रत्येक निर्णय नागरिकों के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि संघर्ष, त्याग और सपनों की उपज है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2026 उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद यह नवोन्मेष और सशक्त भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का समय है। सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है, जहां से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी अपने समर्पण व कर्तव्यनिष्ठा से राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज का युग योजनाओं की घोषणासंक्षिप्त का नहीं, बल्कि ठोस परिणामों का है। अनुशासन, समयबद्धता, नागरिकों के प्रति सम्मान और नैतिक आचरण को प्रशासन की पहचान बनाना होगा। साथ ही, तकनीक को मानवीय संवेदनाओं के साथ जोड़ते हुए सुशासन को औरतैयार प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ का संकल्प केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर राज्य और हर कर्मचारी का साझा दायित्व है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उन्होंने संविधान तैयारकी मर्यादा बनाए रखने, जनता की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य मानने और उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य बनाने का संकल्प दिलाया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुसामग्रीधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सभी सचिव, अपर सचिव, सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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