हरेला पर सीएम धामी ने किया पौधारोपण, जागेश्वर के लिए कीं आठ बड़ी घोषणाएं

उत्तराखंड राज्य

अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद पौधारोपण अभियान और ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से कम से कम एक पौधा लगाने के साथ उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, प्रेम और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम और वृद्ध जागेश्वर में पूजा-अर्चना करने से उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है, जो प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास, मंदिर तक पेयजल योजना का निर्माण, ऐरावत गुफा सहित अन्य धार्मिक स्थलों का पर्यटन विकास, आरतोला में राज्य अतिथि गृह और मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण शामिल है।

इसके अलावा जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर स्थापित करने, आरतोला-जागेश्वर मार्ग के सुधार तथा दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा भी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के “सेवा, सुशासन और समर्पण” के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू कर देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी अभियान बन रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लिया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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