राज्य सचिवालय संघ चुनाव: विजेता और नतीजों की पूरी जानकारी

राज्य हिमाचल प्रदेश

मुकाबले में जीत का अंतर 95 मतों का रहा। राजिंद्र सिंह मियां को 377 और रमन शर्मा को 282 वोट पड़े। एक मत अमान्य पाया गया। महासचिव पद के लिए विजेंद्र सिंह और प्रेम धर्मा के बीच सीधा मुकाबला हुआ। इसमें विजेंद्र सिंह 352 वोट लेकर विजयी हुए। प्रेम धर्मा को 307 मत पड़े। एक मत अमान्य पाया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए तिकोने मुकाबले में राकेश भारद्वाज 399 मतों से जीते। विपन कुमार को 178 और दिनेश कुमार को 76 वोट पड़े। सात मत इनवेलिड पाए गए।

उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में हुकम सिंह हुक्की 435 मतों से विजयी हुए। संजय कुमार को 187 मत पड़े, जबकि कृष्णा ठाकुर 34 मतों से ही संतोष करना पड़ा। तीन वोट अमान्य रहे। संयुक्त सचिव पद पर रतन सिंह 438 मतों से जीते, जबकि कुलदीप सिंह को 220 वोट पड़े। 12 उम्मीदवार सदस्य पद के लिए मैदान में थे। इनमें से नौ निर्वाचित हुए। ये मयंक, आशीष कुमार नेगी, देविंद्र, रविंद्र सिंह, सुमित कुमार, रजत शर्मा, इंद्र देव, सौरव कुमार और आकाश हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी संत राज पुहार्टा, सहायक निर्वाचन अधिकारी सुरिंद्र कंवर और अनिलेश्वर सिंह ने वीरवार देर शाम को चुनावी नतीजों की घोषणा की। सदस्य पद के उम्मीदवारों में मोहिंद्र सिंह को 166 मत, सुख देव को 139 और मंगत राम को 124 मत मिलने पर वे सदस्य नहीं चुने जा सके। सदस्य चुने गए उम्मीदवारों में सबसे कम 200 मत आकाश को पड़े।

बहादुर सिंह ने पहला और राहुल ने डाला आखिरी वोट
राज्य सचिवालय में हुए चुनाव के दौष्न वरिष्ठ सहायक बहादुर सिंह ने पहला और राहुल ने आखिरी वोट डाला। राहुल सचिवालय में आरएंडटी शाखा में कार्यरत हैं।

कुल 731 मतों में से 660 मत पड़े
राज्य सचिवालय में हुए चुनाव में कुल कुल मतों में से 660 वोट पड़े। यानी 90.29 फीसदी मत पड़े। जमानत बचाने के लिए कुल पड़े मतों में से 25 फीसदी वोटों का लेना जरूरी रखा गया। यानी इसके लिए 165 मत पड़े।

दिन भर पड़ते रहे वोट, पांच बजे तक चला मतदान
राज्य सचिवालय में दिन भर वोट पड़ते रहे। सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुआ मतदान का सिलसिला पांच बजे तक चला। मतगणना साढ़े पांच बजे शुरू हुई जो देर रात तक चली। करीब साढ़े नौ बजे चुनावी नतीजे घोषित हुए। पिछली बार हुए चुनाव में मियां महासचिव पद पर कमल कृष्ण शर्मा से चुनाव हार गए थे। इस बार चुनाव जीत गए।

संजीव शर्मा अनुभाग अधिकारी बने तो चुनाव नहीं लड़े
राज्य सचिवालय के चर्चित नेता रहे संजीव शर्मा अनुभाग अधिकारी बन गए थे तो उन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। वह तीन बार सचिवालय सेवाएं संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। संजीव शर्मा ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

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