कागजों में हाजिरी लगा कर मनरेगा में हो रहा है भ्रष्टाचार

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कागजों में हाजिरी लगा कर मनरेगा में हो रहा है भ्रष्टाचार

* डुमरियागंज बिकास खंड में पुनः शुरू हो गया सरकारी धन का लूट रोजगार सेवक लगा रहे हैं श्रमिकों की फर्जी हाजिरी।

* भ्रष्टाचार रूपी गंगा में ब्लाक के हर कोई डुबकी लगाने को आतुर, जिम्मेदारो के नाक के नीचे हो रहा है भ्रष्टाचार।

सूरज गुप्ता/डुमरियागंज/सिद्वार्थनगर।

जिले के विकास खण्ड डुमरियागंज अन्तर्गत ग्राम पंचायत टंड़वा में महात्मा गांधी मनरेगा योजना चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है। आपको बता दें कि फर्जी मजदूरों की हाजिरी लग रहा है। प्रधानो के लिए मनरेगा योजना लूट का जरिया बना हुआ है, धरातल पर एक भी मनरेगा मजदूर नही दिखे थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय से युसुफ जोत सरहद तक खेत कृषि बंधी मिट्टी कार्य 01 परियोजना पर 40 मजदूरों की लग रही है। धरातल पर एक भी मनरेगा मजदूर नहीं दिखे, मजदूरों की फर्जी हाजरी लग रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की जिरो टालरेंस की नीति को ब्लाक के जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी पलीता लगा रहे है।
गांव में विकास के पहुंचने से पहले ही विकास का दम घोट देते हैं। डुमरियागंज विकास खण्ड के ग्राम पंचायत टंड़वा से ये पूरा मामला जुड़ा है। भ्रष्टाचारियों के कार्य शैली पर शासन/प्रसाशन को सख्ती बर्तनी चाहिए। फर्जी हाजिरी लगाकर सचिव और ग्राम प्रधान आपस में मिलकर रुपये निकालते हैं। काम के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होती है। भ्रष्ट अधिकारी/कर्मचारी भी प्रधान से मिलकर इस तरह के कार्य कराते हैं। आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि न तो कहीं खेत खाली है न खलिहान खाली है। सब जगह हरी-भरी धान की फसल खडी़ है, ऐसे में कैसे मिट्टी पटाई का काम हो सकता है। जबकि किन्ही कारणों से यदि मनरेगा श्रमिक काम पर नहीं लगे हुए हैं तो पूर्व में जारी किये गये मास्टर रोल को शून्य करने का प्रावधान है और डुमरियागंज विकास खंऐड के ग्राम पंचायत टंडवा में जिम्मेदारों द्वारा ऐसा ना करके वरिष्ठ अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां पर 40 श्रमिकों का मनरेगा योजना में सेंधमारी करके पूरी योजना पर पलीता लगाया जा रहा है। इस योजना का मूल उद्देश्य था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को वर्ष भर में 100 दिन का रोजगार मिल सकें। ताकि वह रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में न जायें। मनरेगा के जिम्मेदारों ने इस योजना में एक बार पुनः लूट मचाना शुरू कर दिया। यहां सरकार की पूरी की पूरी मंशा ही धराशाई होती दिखाई दे रही है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस समय चक रोड के दोनों तरफ खेतों में फसल लगी हुई है, न तो कहीं खेत खाली है, न ही खलिहान खाली है। फिर भी हमारे ग्राम पंचायत में मनरेगा चल रहा है और 40 श्रमिकों का फर्जी हाजिरी भी लग रहा है। इस सम्बन्ध में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी डुमरियागंज प्रमोद कुमार को फोन करने पर वह कन्नी काटते रहें। वहीं इस सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी जयेंत कुमार को फोन करने पर उनका मोबाइल नोट रीचेबल बताया।

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