जो मनुष्य अपने बुरे समय मे भी अपने अच्छे कामो में निरंतर लगा रहता है उसके लिए बुरा समय भी अच्छे समय मे बदल जाता है-इंजीनियर लख्मीचंद यादव
देखिए में कुख्यात से भी बड़ा कुख्यात बनने वाला था और निरंतर अच्छे कामो को करते-करते में आज एक महान व्यक्तित्व बन गया हूं।चोर:चक्कों,माफियाओं राहगिरो:बदमाशो,क्रिमनल:हिस्ट्रीशीटरो से मेरा बड़ा स्टेंडर्ड ना होता तो वो लोग षड्यंत्र और छल करके मुझे चोट पहुंचा कर वही रोक दिए होते उनसे हमारा दायरा बड़ा था इसलिए में यहां तक अकेला ही चलकर पहुच गया हूं।
जिसकी मति और गति सत्य की राह पर हो,उसका रथ आज भी भगवान कृष्ण ही चलाते है प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नही इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो हम स्वयं ही है।
साथियों बचपन में हम जब भी मंदिर के सामने से गुजरे हमने भगवान से दो प्रर्थना जरूर की पहली प्रार्थना हमने की भगवान हमारी शादी ना हो और दूसरी प्रार्थना हमने ये कि हम सदैव धर्म के मार्ग पर चलते रहे।शादी वाली बात भगवान हमारी नही माने उन्होंने हमारी शादी करवा ही दी लेकिन धर्म के मार्ग से उन्होंने हमको आज तक भी भटकने नही दिया।
भगवान ने हमको शादी बंधन में इसलिए बांधा की शादी बंधन ही हमको हमारी नई दिशा की तरफ मोड़ सकती थी इसलिए भगवान बंसी वाले ने हमारी शादी कर हमारी गलत दिशा को सही दिशा की तरफ मोड़ दिया नही तो आज हम कही और जगह ही होते। यह कड़वा सच है हमारी प्रोग्रेश में हमारी धर्मपत्नी विनीता जी का सबसे बड़ा रोल है।
देखिए जिस लख्मीचंद यादव को अपनी शादी होने तक की भी उम्मीद नही थी उसकी शादी में उस छेत्र के सबसे नामचीन प्रतिश्ठित धनाढ्य सांसद डॉ कुँवर देवेन्द्र सिंह यादव अपने बड़े काफिले के साथ मौजूद थे वहीँ छेत्र के तमाम विधायक व जिला मजिस्ट्रेट सहित पुलिस प्रसासन के तमाम बड़े अफसर वहां मौजूद थे कहने का मतलब ये है वहां पर हमारी बारात से भी ज्यादा पुलिस वाले थे।
हमारी अच्छी नियत हमारी अच्छी सोच हमारी रियल जनसेवा से ही हमको ये सब फल प्राप्त हुए है।
संघर्ष और जनसेवा है लक्ष्य हमारा।
