पहले प्राइवेट फेक्ट्री में मजदूरी की,फिर एक टिक्की समोशे बनाने के ठेले पर 6 महीने तक बर्तन साफ किए और आज वो हजारो करोड़ के मालिक है-इंजीनियर लख्मीचंद यादव

Video News

पहले प्राइवेट फेक्ट्री में मजदूरी की,फिर एक टिक्की समोशे बनाने के ठेले पर 6 महीने तक बर्तन साफ किए और आज वो हजारो करोड़ के मालिक है-इंजीनियर लख्मीचंद यादव

हम बात कर रहे है अंबेडकर यूपी के लाल यदुवंश के गौरव भाई सतिराम यादव जी की जिन्होंने अपने साहस, संघर्ष और जुनून के बलबूते आज वो मुकाम हासिल कर लिया है जिस तक पहुच पाना नामुमकिन है।

जब सतिराम भाई की शादी हुई तो शादी में छुट्टी होने के कारण उनकी प्राइवेट नोकरी छूट गई तो उन्हें नोकरी न मिलने के कारण और आर्थिक तंगी के कारण दिल्ली में पुल के नीचे राते गुजारने और कंकड़ो पर सोने पर मजबूर होना पड़ा वही उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए ठेले पर 6 महीने तक बर्तन भी साफ करने पड़े।

मुश्किलें तो कई लोगो के जीवन मे आती है,लेकिन भाई “सतिराम यादव” जैसे कर्मवीर लोग इस दुनिया मे बहुत कम ही होते है जो रास्तों के कंकड़ो से ही अपना महल बना पाते है।वह पथ क्या वह पथिक,कुशलता क्या जिस पथ पर बिखरे शूल न हो।नाविक की धैर्य कुशलता क्या,जब धाराएं प्रतिकूल न हो।दोस्तो संघर्ष के बलबूते जो हासिल हो सकता है वह किसी और माध्यम से कभी भी हासिल नही हो सकता।

देखिए आज भाई सतिराम यादव जी का भारत तो छोड़ो दुनिया के अन्य देशों में भी बड़ा कारोबार फैला हुआ है। दोस्तो हम जब-जब भी भाई सतिराम यादव जी से मिले उन्होंने तब-तब ही हमको बोला लख्मी भाई आप यदि फिसले नही तो आप बहुत ऊंचाई तक जाएंगे।

सभी युवा व युवतियां हमारे कार्यो और हमारे विचारों से सीख लेकर व हमसे प्रेरित होकर आगे बढने का प्रयास भी करते रहे तो आप लोग भी अवश्य सफल होंगे।देखिए आज हमसे जुड़ा हर दूसरा तीसरा व्यक्ति कर्मवीर और परमवीर है।यह 101% सत्य है आने वाला वक्त भारतीय जनसेवा मिशन का है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *