UGC के नए नियमों पर करणी सेना का विरोध तेज, संग्राम सिंह चौहान नजरबंद

उत्तर प्रदेश राज्य

UGC के नए नियमों के खिलाफ करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है नोएडा महानगर अध्यक्ष ठाकुर संग्राम सिंह चौहान को उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है, जिससे चारों ओर हड़कंप मच गया है। करणी सेना ने आर-पार का ऐलान कर दिया है और 8 मार्च को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी है करनी सेना का कहना है कि UGC के नए नियम सवर्ण समाज के छात्रों के लिए घातक हैं और उन्हें अपराधी बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे आंदोलन तेज होने की संभावना है

मुख्य मांगे :-

1. UGC Regulations–2026 को असंवैधानिक होने के कारण तुरंत पूर्णतः रोलबैक किया जाए।
2. सामान्य / अनारक्षित वर्ग को भी स्पष्ट संवैधानिक व विधिक संरक्षण दिया जाए।
3. गजट अधिसूचना की सभी परिभाषाएँ स्पष्ट, वस्तुनिष्ठ व गैर-मनमानी बनाई जाएँ।
4. इक्विटी समितियों में संतुलित, निष्पक्ष व समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
5. झूठी व दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर कठोर दंडात्मक प्रावधान जोड़े जाएँ।
6. नई समीक्षा/क्रियान्वयन समिति में हमारे संगठन/समुदाय के प्रतिनिधि को शामिल किया जाए।
7. ऐसे नियम बनाए जाएँ जो सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकता को मजबूत करें, न कि विभाजन बढ़ाएँ।
8. इस असंवैधानिक गजट के निर्माण में जिम्मेदार व्यक्तियों की निष्पक्ष जाँच कर कार्रवाई हो।
9. एंटी-रैगिंग एक्ट को पुनः लागू किया जाए।
10. विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इस प्रकार के असंतुलित, मनमाने एवं संविधान-विरोधी नियम न केवल संवैधानिक समानता एवं विधि के समक्ष समान संरक्षण के सिद्धांतों के प्रतिकूल हैं, बल्कि सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता को क्षति पहुँचाते हुए नागरिकों के मध्य विभाजन उत्पन्न करने का कार्य कर रहे हैं, जो विधि एवं संविधान की दृष्टि में किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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