भारत की वैज्ञानिक विरासत पर राष्ट्रीय मंच: ‘भारत और इसकी वैज्ञानिक गौरव गाथा,

उत्तर प्रदेश राज्य

अध्याय 2’ का ग्रैंड फिनाले 26 अप्रैल को

गाजियाबाद में युवा प्रतिभाओं को देश की वैज्ञानिक विरासत से जोड़ने वाली एक अनूठी पहल अपने शिखर पर पहुंचने जा रही है। यूथ यूनिटी फाउंडेशन ने नवयुग मार्केट स्थित जेएसबी बैंकवेट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘भारत और इसकी वैज्ञानिक गौरव गाथा, अध्याय 2’ के ग्रैंड फिनाले की घोषणा की। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 26 अप्रैल 2026 को गाजियाबाद में आयोजित होगी, जिसमें देशभर से चयनित टीमें अपने शोध प्रस्तुत करेंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को कार्यक्रम के आयोजक एवं भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी विनीत वत्स त्यागी ने संबोधित करते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य 16 से 25 वर्ष के युवाओं को भारत की प्राचीन वैज्ञानिक और बौद्धिक परंपराओं से जोड़ना है, ताकि वे इन्हें आधुनिक संदर्भ में समझकर आगे बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि भारत की वैज्ञानिक विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज की चुनौतियों के समाधान का आधार भी है। शून्य, दशमलव प्रणाली, खगोलशास्त्र, चिकित्सा, धातुकर्म और भाषाविज्ञान जैसे क्षेत्रों में भारत के योगदान को समझना नई पीढ़ी के लिए आवश्यक है।
देशभर से व्यापक भागीदारी
इस वर्ष प्रतियोगिता में देश के 19 राज्यों से 168 टीमों ने भाग लिया, जिसमें 296 प्रतिभागी और लगभग 110 शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। यह पिछले संस्करण की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, जब 17 राज्यों से 150 आवेदन प्राप्त हुए थे। कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान, तमिलनाडु, बिहार समेत कई राज्यों से युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।प्रतियोगिता के अंतर्गत प्रस्तुत शोध विषयों में वैदिक संज्ञानात्मक विज्ञान, सांख्य ब्रह्मांड मॉडल, भारतीय तर्क प्रणाली, प्राचीन पर्यावरण प्रबंधन, नीम के औषधीय गुण, मंदिर वास्तुकला की ज्यामिति और पाणिनि की अष्टाध्यायी जैसे विषय शामिल हैं।
ग्रैंड फिनाले में शीर्ष टीमें करेंगी प्रस्तुति
168 टीमों में से चयनित शीर्ष 20 टीमें ग्रैंड फिनाले में अपने शोध प्रस्तुत करेंगी। फिनाले में 11 राज्यों का प्रतिनिधित्व होगा। कार्यक्रम में वैदिक विज्ञान, गणित, खगोलशास्त्र, चिकित्सा, कृषि, पर्यावरण और वास्तुकला जैसे विविध विषयों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
कार्यक्रम में तरुण चुग, अनिल अग्रवाल, सुनीता दयाल, मयंक गोयल, प्रो. गंटी मूर्ति और आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अर्नब भट्टाचार्य सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों का पैनल प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेगा।
युवाओं को विरासत से जोड़ने का प्रयास
यूथ यूनिटी फाउंडेशन का मानना है कि जड़ों से जुड़कर ही सशक्त नवाचार संभव है। यही कारण है कि यह मंच युवाओं को उनकी वैज्ञानिक परंपरा की गहराई से जोड़ने का प्रयास कर रहा है, ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनते हुए अपनी बौद्धिक विरासत को भी आगे बढ़ा सकें।इस पहल के माध्यम से देशभर के युवाओं में अपनी ज्ञान परंपरा के प्रति जागरूकता और गर्व की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

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