मानहानि मामले में राहुल गांधी की ओर से ऑब्जेक्शन लेटर फाइल, 13 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

उत्तर प्रदेश राज्य

हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की एमपी/एमएलए कोर्ट में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में उनकी ओर से आपत्ति पत्र दाखिल किया गया। न्यायिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण मामले की अगली सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी।

यह मानहानि का मामला बहुचर्चित गांव बूलगढ़ी कांड में बरी हुए रामकुमार, रवि और लवकुश ने दायर किया है। परिवादियों का आरोप है कि राहुल ने 12 दिसंबर 2024 को गांव का दौरा करने के बाद अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। जिसमें राहुल गांधी ने कोर्ट द्वारा बरी तीनों को आरोपी बताया था।

मामला जानिए

इस मामले में राहुल गांधी की पैरवी को लखनऊ से आए अधिवक्ता आलोक चंद्रा, मनीष दीक्षित, आसिफ रिजवी के साथ स्थानीय अधिवक्ता भगवती प्रसाद राहुल की ओर से आपत्ति पत्र दाखिल किया। एमपी/एमएलए कोर्ट में दाखिल आपत्ति पत्र कहा गया है कि परिवादी द्वारा संलग्न ‘एक्स’ हैंडल पोस्ट के अवलोकन से प्रथमदृष्टया यह स्पष्ट होता है कि राहुल ने जो भी बयान दिया, वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में लोकहित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए दिया था। लोकसभा में दिए गए इस बयान को ही चलचित्र सहित ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट किया गया, जो पूर्ण रूप से वैधानिक है।

अपत्ति पत्र में भारत के संविधान के अनुच्छेद 105 (2) का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार “संसद में या उसकी किसी समिति में संसद के किसी सदस्य द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में उसके विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।

आपत्ति पत्र में क्या कहा गया?

वहीं इस आपत्ति पत्र में यह भी कहा गया है कि राहुल द्वारा परिवादी की कोई मानहानि अथवा अपमान नहीं किया गया है। यह परिवाद राहुल की छवि धूमिल करने, उनसे अवैध धन वसूली करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से झूठा, फर्जी और भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। न्यायहित में इस परिवाद को निरस्त किया जाना अति आवश्यक है।

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