रुद्रपुर समीक्षा बैठक: अधिकारियों को गांव में रात्रि विश्राम के निर्देश, विकास कार्यों पर जोर

उत्तराखंड राज्य

रुद्रपुर में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उत्तराखण्ड शासन के सचिव (संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन) दीपक कुमार ने की। इस बैठक में जनपद के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया और विभिन्न विकास कार्यों एवं जनगणना तैयारियों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।

सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवों का नियमित भ्रमण करें और कम से कम एक रात्रि विश्राम अवश्य करें। उनका उद्देश्य यह था कि अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से समझें और उनका समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में जनगणना 2027 की तैयारियों का गहन आकलन किया गया। सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुरूप किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की ड्यूटी एक साथ न लगाई जाए, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को पहचान पत्र देखे बिना अपनी निजी जानकारी साझा न करें। जागरूकता बढ़ाने के लिए रेडियो और अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया।

बैठक में भाषा के महत्व पर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने बताया कि हिंदी हमारी प्रथम राजभाषा है और संस्कृत द्वितीय राजभाषा के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के नाम हिंदी के साथ-साथ संस्कृत में भी प्रदर्शित किए जाएं तथा सार्वजनिक स्थलों पर संस्कृत भाषा के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के दौरान सचिव ने निर्देश दिए कि सीएचसी और पीएचसी केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए टेलीमेडिसिन सेवाओं को प्रभावी बनाया जाए। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

सचिव ने साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही “ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड” अभियान के तहत पुलिस और ड्रग्स विभाग को मिलकर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

पर्यटन विभाग को जिले में होमस्टे की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही गैस वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए।

आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाया जाए। अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रह जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाई जाए और किसी भी प्रकार की बाधा होने पर तुरंत समन्वय स्थापित कर समाधान किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

“गड्ढा मुक्त सड़क” अभियान के अंतर्गत सभी सड़कों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि मानसून के दौरान आमजन को परेशानी न हो। इसके अलावा विद्यालयों में बालिकाओं और महिला कर्मचारियों के लिए शौचालयों की स्वच्छता और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने जानकारी दी कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है और मकानों की गणना का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है और पूरी पारदर्शिता के साथ त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, नगर आयुक्त, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, चिकित्सा विभाग के अधिकारी सहित अन्य सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *