संभल में सपा विधायक के मकान पर नोटिस चस्पा; अवैध निर्माण गिराये जाने की चेतावनी, जानिये क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश राज्य

उत्तर प्रदेश के संभल में समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। पिछले साल प्रशासन ने उनके बाग पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया था। अब उनके एक मकान पर ग्रहण लग गया है। प्रशासन की ओर से उनके मकान पर अवैध निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। मकान पर बुलडोजर ऐक्शन की चेतावनी दी गई है। बताया जा रहा है कि यह मकान किराए पर दिया गया है।

विधायक पर बिना परमिशन लिए और नियमों को ताक पर रखकर विनियमित क्षेत्र में मकान निर्माण करने का आरोप लगा है। नोटिस अवर अभियंता की ओर से जारी किया गया था। इसमें कथित अवैध निर्माण को गिराए जाने का भी जिक्र है। धारा-10 के तहत यह नोटिस चस्पा करने के बाद प्रशासन ने भवन निर्माण के नियमों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, विधानसभा में संभल हिंसा की रिपोर्ट पेश होने के बाद विधायक के मकान पर कार्रवाई से चर्चा तेज है।

पिछले साल मुक्त कराई गई थी 3 बीघा जमीन

पिछले साल सपा विधायक इकबाल महमूद के बाग पर बुलडोजर ऐक्शन हुआ था। अधिकारियों का कहना था कि विधायक ने अपने बाग की सीमाओं में करीब साढ़े 3 बीघा सरकारी जमीन को शामिल कर लिया था। पैमाइश के बाद इसे कब्जा मुक्त कराया गया। संभल के रायसत्ती थाना क्षेत्र के मंडलाई गांव में विधायक इकबाल महमूद और उनके बेटों के नाम पर बाग है। आरोप था कि इसी बाग में सरकार जमीन भी शामिल कर ली गई थी। शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस पर कार्रवाई की।

सातवीं बार विधायक हैं इकबाल महमूद

संभल की सदर विधानसभा सीट से सपा के इकबाल महमूद सातवीं बार विधायक हैं। वह सपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इकबाल महमूद के भवन पर इस नोटिस को लेकर संभल में काफी चर्चा है। लोग अब विधायक पक्ष और प्रशासन के अगले कदम का इंजतार कर रहे हैं।

कावंड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का चल रहा है केस

इकबाल महमूद पिछले साल कांवड़ियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भी चर्चा में आए थे। इस मामले में उनके खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट (सिविल जज सीनियर डिविजन) में सुनवाई चल रही है। मामले की अगले सुनवाई 25 अगस्त को होने वाली है। यह मामला हिंदू राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि विधायक ने शिवभक्तों और कावंड़ियों को कथित रूप से गुंडा और अराजक तत्व कहकर संबोधित किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *