देहरादून। केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा देहरादून से दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 28 अधिकारी अब अपने-अपने राज्यों में उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
38वें (2024-26) राज्य वन सेवा अधिष्ठापन पाठ्यक्रम का दीक्षा समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों में 18 को सम्मान उपाधि और 10 को डिप्लोमा प्रदान किया गया। इनमें 12 महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
गुरुवार को वन अनुसंधान संस्थान के दीक्षा सभागार में आयोजित समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी वीरेंद्र आर तिवारी ने किया।
उन्होंने पासआउट होकर अपने-अपने कैडर राज्यों में सेवा देने जा रहे युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ लोक सेवा आयोग की कठिन परीक्षा पास कर वन सेवा में प्रवेश करना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वास्तविक चुनौती कार्यक्षेत्र में शुरू होती है। उन्होंने अधिकारियों से वन अग्नि प्रबंधन, अग्नि रेखा निर्माण, वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कानूनों की जानकारी को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया।
इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक डॉ. राजेश पी खजूरिया, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी, वन अनुसंधान संस्थान की निदेशक ऋचा मिश्रा, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक डा. एनसी सरवनन, केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के प्रधानाचार्य अरुण कुमार आर उपस्थित रहे।
शशि कुमार ने किया प्रशिक्षण में टॉप
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शशि कुमार एमसी ने सबसे अधिक पुरस्कार हासिल किए। उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पदक के साथ सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रशिक्षु एवं सबसे व्यावहारिक वन अधिकारी के लिए रजत पदक, वन प्रबंधन एवं कार्ययोजना में दक्षता के लिए रजत पदक, पारिस्थितिकी में दक्षता के लिए रजत पदक, आरसी कौशिक पुरस्कार और वन संरक्षण एवं जनजातीय कल्याण में दक्षता के लिए पी. श्रीनिवास पुरस्कार प्रदान किया गया।
अभिनव शर्मा (छत्तीसगढ़), जो अंतिम परिणाम में 11वें स्थान पर रहे, को वन अभियंत्रण एवं सर्वेक्षण में दक्षता के लिए केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा संगठन पुरस्कार मिला। विद्याश्री एमआर, जिन्होंने अंतिम परिणाम में दूसरा स्थान हासिल किया, को पीके सेन संरक्षणवादी पुरस्कार प्रदान किया गया।
कनार्टक के हिस्से आए सर्वाधिक अधिकारी
इस बैच में कर्नाटक के 17, मध्य प्रदेश के छह, छत्तीसगढ़ के चार और उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी हैं। प्रशिक्षण के दौरान कक्षा शिक्षण के साथ वन क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण और देश के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कराया गया।
अकादमी की सूची के अनुसार, शशि कुमार एमसी (कर्नाटक) 88.47 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम, विद्याश्री एमआर (कर्नाटक) 81.76 प्रतिशत के साथ द्वितीय और दीक्षा संजय कोडकनी (कर्नाटक) 81.35 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रहीं।
छह पुस्तकों का विमोचन
दीक्षा समारोह के दौरान माइक्रोवर्स, केस टू कन्विक्शन, एक्सपेरिमेंटल नर्सरी, वाइल्डरनेस एट वर्क, हमराही और सफरनामा पुस्तक का विमोचन भी किया गया। सभी 28 अधिकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
