सीएम Yogi Adityanath का बड़ा संकेत: शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी संभव

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ। प्रदेश के 1,43,781 शिक्षामित्रों और 24,781 अनुदेशकों को भी जल्द मानदेय में बढ़ोतरी की खुशखबरी मिल सकती है। सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाने और शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के हित में काम करने का भरोसा भी दिया।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश भर के शिक्षामित्रों और अनुदेशकों में खुशी की लहर है। वर्तमान में शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। वर्ष 2017 से यही मानदेय लागू है।

कब से हो रही मांग?

तब से लगातार शिक्षामित्र मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पिछले वर्ष पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर भी मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के संकेत दिए थे। अब एक बार फिर उन्होंने सदन में इस विषय पर सकारात्मक आश्वासन दिया है, जिससे उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बजट सत्र के दौरान ही विधानसभा में मानदेय बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को उम्मीद है कि जल्द ही उनके मानदेय में बढ़ोतरी का औपचारिक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, सभी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा एक अप्रैल से लागू होगी।

एआरपी एसोसिएशन ने जताया आभार

एकेडमिक रिसोर्स पर्सन्स (एआरपी) एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ-सहारनपुर क्षेत्र के शिक्षक विधायक और भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्रीचंद शर्मा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित आभार ज्ञापन भी उनके माध्यम से सौंपा।

साथ ही एसोसिएशन ने श्रीचंद शर्मा को 22 फरवरी को लखनऊ में आयोजित शैक्षिक उन्नयन एवं चिंतन बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *