धामी ने उत्तराखंड में रेल अवसंरचना को नई रफ्तार देने के लिए दिशा निर्देश दिए

उत्तराखंड राज्य

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण को नई रफ्तार मिल रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में पूर्ण, प्रगतिरत एवं प्रस्तावित रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में डीआरएम ने अवगत कराया कि रुड़की–देवबंद (27.45 किमी) नई रेल लाइन परियोजना का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दी गई है।इस परियोजना के अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। साथ ही लक्सर–हरिद्वार रेल खंड की गति 110 किमी प्रति घंटा तक बढ़ा दी गई है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किमी प्रति घंटा करने का प्रस्ताव दिया गया है। 130 किमी प्रति घंटा गति लक्ष्य के लिए डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किमी प्रति घंटा गति हेतु मार्गों की पहचान की गई है।

उन्होंने बताया कि लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जिससे रेल क्रॉसिंग पर सुरक्षा बढ़ी है और यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।

डीआरएम ने यह भी जानकारी दी कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर नए भवन, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल सुविधाएँ, प्लेटफॉर्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफॉर्म शेड, चौड़े फुट ओवर ब्रिज तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग व्यवस्था विकसित की जा रही है।

हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन-प्रस्थान का पृथक्करण एवं बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था शामिल होगी।

बैठक में बताया गया कि योग नगरी ऋषिकेश–कर्णप्रयाग नई रेलवे लाइन परियोजना (125.20 किमी) तीव्र गति से निर्माणाधीन है। इस परियोजना में 12 स्टेशन, 35 पुल और 17 सुरंगें शामिल हैं, जिनमें प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।

इसके अतिरिक्त राज्य में नए माल टर्मिनलों के विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। पत्री में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा विकसित की जा रही है तथा पत्री और ज्वालापुर स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग के लिए उन्नत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इकबालपुर आरओबी, धनौरा आरओबी तथा लक्सर एलएचएस से जुड़े लंबित प्रकरणों पर राज्य और रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

उन्होंने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार और गति वृद्धि शामिल है। इस परियोजना के तहत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए आगामी अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।

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