पंचायत घर निर्माण को लेकर राज्य सरकार का बड़ा कदम

उत्तराखंड राज्य

देहरादून: ग्रामीण शासन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाने की तैयारी कर ली है। पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पंचायती राज विभाग ने यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।

राज्यांश बढ़ने से तेज होगा निर्माण कार्य

वर्तमान व्यवस्था के तहत पंचायत घर निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता दी जाती है, जबकि राज्य सरकार केवल 10 लाख रुपये उपलब्ध कराती है। राज्य की ओर से कम धनराशि मिलने के कारण कई ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य अधूरा रह जाता था। अब राज्य सरकार भी अपने हिस्से की राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की योजना बना रही है, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

वित्त विभाग से मंजूरी के बाद कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्यांश को केंद्र के समान करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। वित्त विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही यह निर्णय लागू किया जाएगा।

803 ग्राम पंचायतें अब भी पंचायत घर से वंचित

राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रदेश की 803 ग्राम पंचायतों में अब तक पंचायत घरों का निर्माण नहीं हो सका है। इसके अतिरिक्त, कई स्थानों पर मौजूद पंचायत भवन अत्यधिक जर्जर अवस्था में हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1300 से अधिक पंचायत घरों के निर्माण या पुनर्निर्माण की तत्काल आवश्यकता है।

जिलों से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

पंचायती राज विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने जानकारी दी कि सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों से पंचायत घरों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। इन रिपोर्टों के आधार पर नए निर्माण और पुनर्निर्माण कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी, ताकि जरूरतमंद ग्राम पंचायतों को पहले लाभ मिल सके।

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