थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस द्वारा, वादी को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लांड्रिग के केस का भय दिखा कर 02 करोड रुपयों की धोखाधडी/ठगी करने वाले गैंग के 03 साइबर ठग अभियुक्त गिरफ्तार

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थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस द्वारा, वादी को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लांड्रिग के केस का भय दिखा कर 02 करोड रुपयों की धोखाधडी/ठगी करने वाले गैंग के 03 साइबर ठग अभियुक्त गिरफ्तार


नोएडा : दिनांक 11-10-2024 को थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस द्वारा लोकल इंटेलिजेंस एवं गोपनीय सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुये डिजिटल अरेस्ट कर 02 करोड रुपयों की धोखाधड़ी/ठगी करने वाले अभियुक्तगण कमशः कानाराम गुर्जर, ललित कुमार व सचिन कुमार को छालान रोड मानसरोवर जनपद जयपुर से गिरफ्तार किया गया है।

रिटायर्ड मेजर जनरल निवासी सेक्टर 31 नोएडा गौतमबुद्धनगर ने दिनांक 27/08/2024 को मु0अ0सं0 85/2024 धारा 308 (02), 319(4), 318(4) बीएनएस व 66 डी आई0टी0 एक्ट थाना साइबर क्राइम थाने पर अभियोग पंजीकृत कराया जिसमें साइबर अपराधी द्वारा अपने सहअभियुक्तो के साथ मिलकर वादी से डीएचएल कोरियर सर्विस का कर्मचारी बनकर उसके मोबाईल एवं आइडी का प्रयोग मनी लांड्रिंग में किए जाने जिसकी जाँच साइबर क्राइम मुंबई द्वारा किए जाने का भय दिखाया गया। साइबर अपराधी द्वारा फर्जी डीसीपी राजपूत बनकर वादी को स्काई ऐप डाउनलोड कराकर वीडियो काल करके डिजिटल कस्टडी में लिया गया तथा धोखाधडीपूर्वक वादी की एफ.डी. ब्रैक कर धनराशि को फर्जी बैंक खाते में जमा कराई गयी। विवेचना के क्रम में साक्ष्य सकंलन के क्रम में विवेचना में धारा 61(2) बीएनएस की बढोत्तरी की गयी।

गिरफ्तार अभियुक्तगणों ने बताया कि अन्य सहअभियुक्तों के साथ मिलकर सिनीयर सिटीजन/रिटायर्ड अधिकारी को कॉल करके स्वयं पुलिस अधिकारी बनकर उसको स्काइप काल के माध्यम से डिजीटल अरेस्ट कर समझौता कराने के नाम धोखाधडी करते है। धोखाधडी की रकम को जनपद जयपुर, जोधपुर के अधिकतर पी0जी0 में तैयारी कर रहे विधार्थीयों/रेस्टोरेन्ट आदि पर कार्य करने वाले व्यक्तियों से सम्पर्क कर उन्हे कमीशन के नाम पर धनराशि देते है और उनसे बैक खाते से सम्बन्धित सिम व एटीएम के माध्यम से कैश करा कर यू0एस0डी0टी0 के माध्यम से आपस में वितरित कर लेते है। इस गैग के अहम सदस्य राजकुमार पुत्र गोपाल सिंह नि0 अलवर को मुम्बई पुलिस द्वारा दिनांक 02.10.2024 को गिरफ्तार किया गया है जिसके सम्बन्ध मे जानकारी की जा रही है।
अभियुक्त सचिन से पूछताछ के दौरान पाया गया है कि उसके द्वारा जो खाते उपलब्ध कराये गये है, उनके विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर कुल 76 (तमिलनाडू-08, कर्नाटक-20, महराष्ट-13, तेलंगाना-07, आन्ध प्रदेश-05, दिल्ली-03, ,हरियाणा-03, पश्चिम बंगाल-03, गुजरात-02, झारखंड-02, केरल-02, उडीसा-2, राजस्थान-2, उत्तर प्रदेश-02, छत्तीसगढ-1, उत्तराखंड-01,) शिकायतों का होना पाया गया है जिनके विषय में गहनता से जाचं कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

नोट- साइबर जागरूकता सुझाव बिन्दु
1- डिजिटल अरेस्ट- पुलिस किसी को भी फोन काल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है ।
2- आरबीआई या किसी अन्य संस्था द्वारा फिजिकल मनी का आपके खाते से सत्यापन नहीं किया जाता है ।
3- ऐसा कोई सरकारी बैंक खाता या आरबीआई का SSA (Secret supervision account) खाता नहीं है जिसमें आपसे पैसे ट्रांसफर कराकर उस पैसे की जाँच की जाती हो ।
4- इस तरह से सीबीआई अधिकारी, साइबर अधिकारी, आरबीआई या किसी अन्य संस्था का अधिकारी बनकर आपके पास फोन काल/ इंटरनेट skype/ zoom/ विडियो काल आती है और जाँच के नाम पर पैसे को ट्रांसफर किए जाने हेतु कहा जाता है या मनीलांड्रिग के केस का भय दिखाया जाता है तो तत्काल अपने निकटवर्ती थाना से संपर्क करें । तथा साइबर हेल्प लाईन नंबर 1930 पर काल करें www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत तत्काल दर्ज करायें।

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