चंपावत में इतिहास रचा: बनबसा में हुई धामी कैबिनेट की पहली बैठक, दर्जनों बड़े फैसलों पर लगी मुहर

उत्तराखंड राज्य

चंपावत: बनबसा एनएचपीसी में आज धामी कैबिनेट की बैठक हुई. चंपावत जिले में आयोजित इस पहली बार कैबिनेट बैठक में दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इस दौरान सीएम धामी ने कहा कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी.

उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है. इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई. चम्पावत जिले में पहली बार कैबिनेट बैठक आयोजित हुई. बैठक में दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

बनबसा में आयोजित कैबिनेट बैठक में युवाओं को लेकर बड़े फैसले लिये गये. साथ ही डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने पर भी निर्णय हुआ है. इसके अलावा कुक्कुट पालकों को सब्सिडी देने पर भी मुहर लगी है.

बनबसा कैबिनेट के बड़े फैसले

  • मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रियाओं के तकनीकी परीक्षण, ऑनलाइन आरेखन के परीक्षण तथा नोडल कार्यालय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नोडल अधिकारी, वन संरक्षण, उत्तराखण्ड के कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) के गठन तथा इसके लिए 06 पदों की स्वीकृति प्रदान की.
  • मंत्रिमंडल ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेधारों/कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने, जनपद नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआँ में संबंधित पट्टेधारों/कब्जाधारकों को क्रमशः भूमिधर अधिकार प्रदान करने तथा जनपद देहरादून के परगना डोईवाला-रिस्पना में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी. संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष के लिए विस्तारित किया जाएगा. इसके पश्चात् प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा.
  • मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखण्ड ट्रेड एण्ड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की अवशेष धनराशि अवमुक्त किए जाने को मंजूरी दी. यह धनराशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के अनुसार नवनिर्माण एवं अन्य निर्धारित कार्यों पर व्यय की जाएगी.
  • मंत्रिमंडल ने स्टाम्प एवं निबंधन विभाग अंतर्गत संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित लेन-देन में क्रेता-विक्रेता एवं अन्य संबंधित पक्षकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए PAN के सत्यापन (PAN Verification) की व्यवस्था लागू किए जाने को मंजूरी दी.
  • मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी.
  • मंत्रिमंडल ने वन विभाग के विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में संशोधन को मंजूरी दी. इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व को विभागाध्यक्ष की सूची से हटाते हुए मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, उत्तराखण्ड, नैनीताल एवं मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल, उत्तराखण्ड, पौड़ी को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा.
  • मंत्रिमंडल ने छठवें राज्य वित्त आयोग, उत्तराखण्ड द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदन को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किए जाने को मंजूरी दी. आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए राज्य के शुद्ध कर राजस्व से स्थानीय निकायों को किए जाने वाले अंतरण तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में संस्तुतियां प्रस्तुत की हैं.
  • मंत्रिमंडल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 की उपधारा (3) के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी किए जाने को मंजूरी दी. इसके तहत निर्धारित परिस्थितियों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा राज्य सरकार को 14 दिन की सूचना देने के पश्चात् किसी अन्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक नियुक्त किया जा सकेगा.
  • मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी. इसमें कर्मचारियों की चल-अचल एवं बहुमूल्य संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को वर्तमान परिस्थितियों एवं अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमावली के अनुरूप स्पष्ट एवं अद्यतन किया जाएगा. नियम 15 में विद्यमान हिन्दी अनुवाद संबंधी त्रुटि का भी निराकरण किया जाएगा.
  • मंत्रिमंडल ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 के लागू होने के क्रम में तत्कालीन अधिनियम से संबंधित वर्ष 1965 की अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता की परिवर्तित धाराओं के अनुरूप आवश्यक संशोधन किए जाने को मंजूरी दी.
  • राज्य अधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर आरक्षण प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 का प्रख्यापन को मंत्रिमण्डल ने भी मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने राज्य अधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर आरक्षण प्रक्रिया विखण्डन (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान की

इन फैसलों परभी लगी मुहर: मंत्रिमंडल ने उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग (कृत्यों का परिसीमन) (संशोधन) विनियम, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी. इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमावली के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है. मंत्रिमंडल ने तत्कालीन अधिष्ठान, उत्तराखण्ड के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी. इसके तहत 8 आरक्षी न.पु., 01 आरक्षी डकारनर तथा 02 आरक्षी चालक सहित कुल 11 पद समर्पित किए जाएंगे. नियोजन विभाग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 49 के अन्तर्गत अनुसूची-3 में संशोधन के प्रस्ताव को मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया. संशोधन के तहत स्वर्णिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश/मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित स्वर्णिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है.

मंत्रिमंडल ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक अथवा अपर्याप्त हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करते हुए राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखण्ड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान वर्तमान सीबीडीसी/ई-रूपी आधारित व्यवस्था के स्थान पर आधार सीडेड/लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से डीबीटी द्वारा किए जाने को मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में आपसी समन्वय, पर्यवेक्षण, एकरूपता तथा प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक का एक नवीन पद सृजित किए जाने को मंजूरी दी. इससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण तथा केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के बेहतर अभिकरण में सहायता मिलेगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी. इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा. सरकार का प्रयास है कि शासन और जनता के बीच की दूरी कम हो तथा विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे.

सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जा रहा है.

-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम धामी ने कहा प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने से स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की आवश्यकताओं को करीब से समझने में मदद मिलेगी. इससे क्षेत्र विशेष से जुड़े विषयों पर प्रभावी और त्वरित निर्णय लेने का मार्ग भी प्रशस्त होगा.

बनबसा में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों को देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं की अनमोल धरोहर ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई. यह चम्पावत के देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा से जुड़ी पारंपरिक ढाल है. बग्वाल परंपरा में प्रयोग होने वाली यह पारंपरिक ढाल मुख्यतः बांस अथवा रिंगाल की खपच्चियों से छतरीनुमा आकार में तैयार की जाती है. मुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्रियों को यह पारंपरिक धरोहर भेंट किया जाना देवभूमि की लोक संस्कृति, परंपराओं और सीमांत क्षेत्र की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के सम्मान का प्रतीक रहा.

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