हाई प्रोफाइल बना मिल्कीपुर उपचुनाव, भाजपा के प्रत्याशी चयन पर सभी की निगाह

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हाई प्रोफाइल बना मिल्कीपुर उपचुनाव, भाजपा के प्रत्याशी चयन पर सभी की निगाह

  1. भाजपा काफी गम्भीरता से ले रही है मिल्कीपुर उपचुनाव को
  2. एक दर्जन से अधिक नेताओं ने किया है भाजपा से टिकट की दावेदारी

अयोध्या। मिल्कीपुर उपचुनाव को भाजपा काफी गम्भीरता से ले रही है। बूथ प्रबन्धन से लेकर कमेटियों को सक्रिय करने पर लगातार मंथन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक में चुनाव के तैयारियों की समीक्षा की। उपचुनाव को लेकर भाजपा किस प्रत्याशी का चयन करती है, इसको लेकर सभी की निगाहें प्रदेश नेतृत्व के उपर टिकी है। भाजपा से टिकट के दावेदार भी लगातार मुख्यालय का चक्कर लगा रहे है।
मिल्कीपुर में प्रत्याशी के चयन को लेकर इस बार भाजपा काफी सावधानी पूर्वक कदम बढ़ायेगी। इसके लिए सभी पहलूओं पर पार्टी विचार करने के बाद ही किसी को टिकट देगी। जनपद अयोध्या में होने वाले इस उपचुनाव को पार्टी ने काफी गम्भीरता से भी लिया है। भाजपा से टिकट को लेकर एक दर्जन से अधिक दावेदार है। जिनको लेकर विभिन्न चुनावी समीकरण पर भाजपा विचार कर रही है।

बाबा गोरखनाथ

टिकट के दावेदारों में शामिल भाजपा के पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ है। जिन्हें पिछली बार विधायक होने के कारण दावेदारी में वरीयता देने की बात कही जा रही है। लेकिन लोकसभा चुनाव 2019, विधानसभा चुनाव 2022 व लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव के दौरान यहां पार्टी का प्रदर्शन उनकी नकारात्मक रिपोर्टिंग भी कर रहा है। क्योंकि इन चुनाव में पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी बाबा गोरखनाथ के कंधो पर थी। हालांकि बाबा गोरखनाथ की क्षेत्र के युवाओं में पकड़ है। जो उनकी दावेदारी को मजबूती प्रदान करता है।

रामू प्रियदर्शी

पूर्व विधायक रामू प्रियदर्शी को मिल्कीपुर में भाजपा का चुनाव में दावेदार माना जाता है। रामू प्रियदर्शी को जमीनी नेता माना जाता है। पहले बनी सोहावल सीट से वह विधायक थे। इसके बाद कई बार वह भाजपा से सोहावल व एक बार मिल्कीपुर से चुनाव लड़े। लेकिन सभी चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उम्र भी रामू प्रियदर्शी को टिकट देने में आड़े आ सकती है।

चन्दभानु पासवान

टिकट के एक अन्य प्रबल दावेदार चन्दभानु पासवान एडवोकेट को माना जा रहा है। वर्तमान में वह जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भी है। उनका कपड़े व पेपर का थोक व्यवसाय भी है। चन्द्रभानु की राजनैतिक पृष्ठभूमि उनके टिकट के दावेदार होने को सम्बल प्रदान करती है। पिछले 2021 व 2015 के चुनाव में चन्द्रभानु पासवान की पत्नी कंचन पासवान जिला पंचायत का चुनाव जीत चुकी है। पिता दो बार ग्राम प्रधान रह चुके हैं। जो क्षेत्र में उनके पकड़ का परिचायक है। युवाओं के साथ भाजपा के स्थानीय संगठन में भी चन्द्रभानु की अच्छी पकड़ मानी जाती है।
जिले के व्यवसायी नीरज कन्नौजिया भी टिकट के दावेदारो में शामिल है। सामाजिक कार्यो में नीरज बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते है। इससे पहले हुए विधानसभा चुनाव 2022 में नीरज टिकट मांग रहे थे। टिकट न मिलने के बाद भी पार्टी प्रत्याशी का उन्होंने प्रचार किया। अन्य प्रत्याशियों में विनय रावत, कांशीराम रावत, चन्द्रकेतु पासवान, राधेश्याम त्यागी व ऊषा रावत सहित एक दर्जन प्रत्याशी है।

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