तिरंगे में लिपटे लाल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, पूरे क्षेत्र ने दी नम आंखों से विदाई
अयोध्या। रूदौली तहसील क्षेत्र के ग्राम हंसराजपुर पूरे विशेन में मंगलवार की सुबह जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा, पूरा गांव सिसक उठा। मां अपने लाल को अपलक निहारती रही, मानो यकीन ही न हो रहा हो कि उसका बेटा अब कभी आवाज नहीं देगा। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था तीन बहनों के इकलौते भाई की विदाई ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। पिता की आंखें नम थीं, लेकिन चेहरे पर अपने वीर बेटे पर गर्व भी साफ झलक रहा था।
27 वर्षीय जवान देवेश सिंह 19 फरवरी को कर्तव्य निभाते हुए एक भीषण हादसे का शिकार हो गए थे, जब सेना का वाहन गहरी खाई में गिर गया। कई जवान मौके पर शहीद हुए, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर सैन्य अस्पताल और बाद में एम्स दिल्ली भेजा गया, जहां इलाज के दौरान देवेश सिंह ने अंतिम सांस ली।
आठ वर्षों से भारतीय सेना में सेवा दे रहे देवेश की अप्रैल में शादी तय होनी थी। घर में खुशियों की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन शहादत की खबर ने शहनाइयों की जगह सन्नाटा भर दिया।
मंगलवार तड़के करीब दो बजे सेना के जवान दो गाड़ियों के साथ जब हंसराजपुर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर के गांव में प्रवेश करते ही भारत माता की जय और देवेश सिंह अमर रहें के नारों से आसमान गूंज उठा। सेना की टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा, विधायक रामचंद्र यादव, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, पूर्व विधायक अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’ सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए। प्रदेश सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, गांव में शहीद स्मारक और शहीद ग्राम घोषित करने की घोषणा की गई।
पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव की गलियों में सन्नाटा है, लेकिन हर दिल में अपने वीर सपूत के लिए गर्व है। देवेश सिंह का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
