पिता के आंसुओं से पिघली वर्दी, संवेदना में डूबा हंसराजपुर
अयोध्या। जब शहादत की खबर किसी घर की चौखट पार करती है, तो वह सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे समाज को झकझोर देती है। रुदौली तहसील क्षेत्र के हंसराजपुर गांव में ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला, जहां शहीद देवेश सिंह के घर शोक, संवेदना और गर्व तीनों भाव एक साथ उपस्थित थे।
गांव में लोगों का तांता लगा रहा। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा हर वर्ग के लोग शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे। वातावरण में गहरा सन्नाटा पसरा था, जिसे बीच-बीच में उठती सिसकियां तोड़ रही थीं। गलियों में एक ही चर्चा थी देवेश की बहादुरी और उनका बलिदान।
इसी दौरान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। जैसे ही शहीद के पिता की नजर उन पर पड़ी, वे खुद को संभाल नहीं सके। वे एसपी ग्रामीण से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़े। बेटे को खोने का असहनीय दर्द उनके आंसुओं में साफ झलक रहा था। उस क्षण वर्दी और एक टूटे हुए पिता के बीच का आलिंगन वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
एसपी ग्रामीण ने पिता को संभालते हुए सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि पूरा पुलिस विभाग परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद देवेश सिंह का बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और उनके सम्मान में हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
हंसराजपुर में शोक के साथ-साथ गर्व की भावना भी स्पष्ट दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि देवेश ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और गांव को हमेशा उन पर गर्व रहेगा।
