कथा सुनने से ही जीव कल्याण संभव – महामंडलेश्वर
श्री राम कथा के छठे दिन वन गमन एवं केवट श्री राम संवाद का मार्मिक बर्णन हुआ
देव मणि शुक्ल
नोएडा सेक्टर 82 स्थित ईडब्ल्यूएस पॉकेट 7 सेंट्रल पार्क में आयोजित श्रीराम कथा के छठवें दिन कथा व्यास अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद महाराज ने आगे का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान राम, माता सीता और सभी भाइयों के विवाह के बाद अवध में आ जाते हैं । महाराज दशरथ गुरु से आज्ञा लेकर राम को युवराज बनाने की घोषणा करते है पूरी अयोध्या में खुशी छा जाती है। सभी देवता यह जानकर परेशान हो जाते हैं कि अगर राम का राज्याभिषेक हो जाएगा तो राक्षसों का वध कैसे होगा। सरस्वती जी से सभी प्रार्थना करते हैं और सरस्वती जी मंथरा की बुद्धि को पलट देती हैं वह कैकयी को अपने दो वरदान राजा दशरथ से मांगने के लिए कहती है। कैकयी कोपभवन में चली जाती है और दशरथ से दो वरदान मांगती है कि भरत को राज्य और राम को वनवास। दशरथ जी अचेत हो जाते है। रामजी लक्ष्मण और सीता के साथ वन को चले जाते हैं। केवट प्रसंग सुनाते हुए व्यास जी ने बताया कि गंगा किनारे पहुंचने पर केवट से नाव लाने को कहते है। ” मांगी नाव न केवट आना, कहहु तुम्हार मरमु में जाना” केवट कहता है कि मैं तुम्हारा मर्म जनता हूँ। जिनकी चरण रज लगते ही पत्थर की शिला नारी बन गयी अगर मेरी नाव भी नारी बन गयी तो मेरी रोजी रोटी का क्या होगा। बिना पैर धुलवाए आपको नाव में नहीं बैठाउँगा । ” अति आनंद उमगि अनुरागा, चरण सरोज पखारन लागा”। ऐसा कहकर भगवान राम , लक्ष्मण और सीता के पैर धोकर पूरे परिवार सहित उस चरणोदक को पीता है। इसके बाद गंगा के पार उतारता है।
इस अवसर पर श्री राम कथा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी देव मणि शुक्ल ने बताया कि 4 अप्रैल को राम और भारद्वाज मुनि का संवाद सहित कई प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
इस मौके पर नागेश सिंह, कपिल मुनि पांडेय, अनूप सिंह, विजय कुमार,रवि राघव, उपेंद्र सिंह , गोरे लाल, संजीव ढाली,रमेश वर्मा, सिया राम ,संजय पांडे, हरि शंकर सिंह, रमेश दास, सी एल तिवारी, विष्णु शर्मा, विश्वनाथ त्रिपाठी, गौरव, रविंद्र कुमार ,हंस मणि शुक्ल, अंगद सिंह तोमर, शिव सिंह चौधरी,धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, संदीप, संगम प्रसाद मिश्रा, प्रकाश जोशी,सर्वेश कुमार तिवारी, रविन्द्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पंकज झा, विजय कुमार झा, शिव चौधरी, पी के पांडेय, राकेश कुमार शर्मा, मुरारी झा, मनीष पांडेय, बृजेश चंद्र पांडेय, राजेश कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, गिरि राज जी, प्रदीप सिंह परमार फौजी, प्रमोद दीक्षित, कृष्णा दूबे, सत्येन्द्र प्रताप सिंह,मनीष मिश्रा, विनोद मुदगल, अजय सिंह, अनिल कुमार चौधरी, अवनीश कुमार शर्मा, देव नारायण तिवारी, अनिल कुमार शर्मा, राजवीर सिंह, पदम सिंह, विकास कुमार, दीपक तिवारी, राकेश कुमार, राजेश कुमार पाठक, संजय मग्गू, संजय तिवारी, विकास शर्मा, सुभाष चन्द्र शर्मा, घनश्याम जोशी, पान सिंह, हनुमान कुमार, दिनेश पाठक, रंजन गिरि, शिव कुमार पाठक,राम भरोसे झा, आयुष तिवारी, अवनीश तिवारी, आशीष कुड्डू, संजीव कुमार मिश्रा, कमल यादव, बी के भारद्वाज, सुबोध तिवारी, अरविंद परिहार, अंशु झा, संजय कर्ण, सुरेश उपाध्याय, प्रभात रंजन, लाल बाबू शर्मा, कुंदन सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
