नशे के खिलाफ बड़ी रणनीति पर मंथन, 26 जून को होगी एनसीओआरडी की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक

उत्तराखंड राज्य

नई दिल्ली में 26 जून 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री विज्ञान भवन में नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा किया जा रहा है। यह बैठक देश में मादक पदार्थों के खतरे से निपटने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने पर केंद्रित होगी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार के 44 मंत्रालयों एवं विभागों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्यों की सरकारों और विभिन्न मादक पदार्थ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 108 प्रतिनिधि हाइब्रिड माध्यम से भाग लेंगे। इस व्यापक भागीदारी का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को और मजबूत करना है ताकि नशे के खिलाफ अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री “नारकोटिक्स कंट्रोल विजन दस्तावेज 2026-2029” जारी करेंगे। यह दस्तावेज विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नशे की मांग में कमी लाना, आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण करना और नशे से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक साझा कार्ययोजना प्रदान करना है।

विजन दस्तावेज में आधुनिक चुनौतियों जैसे सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता खतरा और डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने, उपचार और पुनर्वास केंद्रों के विस्तार तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को भी प्राथमिकता दी गई है। इसमें सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियां, समय-सीमा और मापनीय लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री एनसीबी वार्षिक रिपोर्ट 2025 का भी विमोचन करेंगे। इसके साथ ही जम्मू और गुवाहाटी में नवनिर्मित एनसीबी जोनल कार्यालयों का उद्घाटन किया जाएगा। यह कदम क्षेत्रीय स्तर पर मादक पदार्थ नियंत्रण तंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस अवसर पर “ऑनलाइन ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट अभियान” की भी शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के तहत देशभर में केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा लगभग 2,09,500 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट किया जाएगा, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6,000 करोड़ रुपये है। यह अभियान नशे के अवैध व्यापार पर एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक में आगामी तीन वर्षों के लिए मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के दुरुपयोग पर नियंत्रण की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। यह बैठक प्रधानमंत्री के “नशामुक्त भारत” के संकल्प और सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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