इस बार करवा चौथ पर रहेगा भद्रा का साया, जानें कब और कैसे करें पूजा

सूरज गुप्ता/सिद्वार्थनगर।
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। इस साल 20 अक्तूबर 2024 को करवा चौथ है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र व सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जिसकी शुरूआत सरगी खाने से की जाती है। सरगी एक पारम्परिक भोजन है, जो करवा चौथ से एक दिन पहले सास अपनी बहुओं को देती हैं। इस साल करवा चौथ पर भद्रा का साया बना हुआ है। पंचांग के अनुसार 20 अक्तूबर सुबह 06 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह 06:46 तक भद्रा रहेगी। ज्योतिष गणना के मुताबिक भद्रा का वास स्थान स्वर्ग है। माना जाता है कि भद्रा के समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इससे अशुभ परिणामों की प्राप्ति हो सकती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल करवा चौथ पर कब और कैसे पूजा की चांद निकलने का समय इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय शाम 7 बजकर 53 मिनट का है। ऐसे में आप 7 बजकर 53 मिनट के बाद से चन्द्रमा की पूजा कर सकते हैं। पूजन विधि करवा चौथ के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्रों को धारण कर लें। इसके बाद साफ हाथों से घर के मन्दिर की दीवारों पर गेरू से फलक बनाकर करवा का चित्र बना लें। अब मुहूर्त के अनुसार करवा माता की कथा सुनें। कथा के बाद सभी का आशीर्वाद लें। इसके बाद शाम के समय आप एक चौकी लगाकर उसपर करवा माता की तस्वीर स्थापित करें। फिर दीया जलाएं। इसके बाद एक करवा चावल भरकर उसे दक्षिणा के रूप में रख दें। अब चांद निकलने के बाद चन्द्रमा को अर्घ्य दें। फिर चन्द्र दर्शन करें। इस दौरान इसी छन्नी से पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से पानी पिएं।
फिर उनके पैर छुएं। अन्त में व्रत का पारण कर लें।
