पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा का नजारा देखने लायक था. कटवा की इस ऐतिहासिक धरती पर सीएम योगी का अंदाज बेबाक और कड़क था. उन्होंने टीएमसी के उन कार्यकर्ताओं और रसूखदारों को सीधे निशाने पर लिया जिन्हें अक्सर ‘गुंडा’ कहकर पुकारा जाता है. उन्होंने साफ लहजे में कह दिया कि जो लोग अब तक दादागिरी के दम पर बंगाल को अपनी जागीर समझते थे अब उनके बुरे दिन शुरू हो गए हैं.
गुंडों के भविष्य पर सीएम योगी का तंज
सीएम योगी ने जनसभा में चुटकी लेते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी की लहर देखकर टीएमसी के गुंडे अब अपनी जान बचाने और भविष्य सुरक्षित करने की फिक्र में लग गए हैं. उन्होंने मजाकिया लेकिन तीखे लहजे में कहा कि आजकल ये लोग सोच रहे हैं कि जान बचानी है तो क्या किया जाए? कोई सोच रहा है कि कहीं पंचर की दुकान खोल लूं.. तो कोई सड़क पर झाड़ू लगाने की तैयारी कर रहा है. उनका इशारा साफ था कि 4 मई को नतीजे आने के बाद इन उपद्रवियों को सिर छिपाने की जगह भी नहीं मिलेगी.
सांस्कृतिक राजधानी से ‘कटमनी’ का अड्डा बनने तक का दर्द
सीएम योगी ने कटवा की आध्यात्मिक अहमियत का जिक्र करते हुए चैतन्य महाप्रभु और सनातन गोस्वामी को नमन किया. उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि जिस बंगाल ने पूरी दुनिया को कला, साहित्य और संस्कृति का रास्ता दिखाया.. आज वही बंगाल अपनी पहचान के लिए तरस रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस फिर कम्युनिस्ट और पिछले 15 सालों से ममता दीदी की टीएमसी ने मिलकर बंगाल को जी भरकर लूटा है. आज यहां के किसानों को फसल का दाम नहीं मिल रहा और युवाओं के पास रोजगार नहीं है.
मोदी का पैसा और टीएमसी के ‘बीचौलिए’
उन्होंने सीधा सवाल किया कि आखिर दिल्ली से भेजा गया विकास का पैसा जाता कहां है? उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बंगाल के भले के लिए पैसा भेजते हैं लेकिन टीएमसी के गुंडे उसे रास्ते में ही डकार जाते हैं. सीएम योगी ने ‘कटमनी’ और भ्रष्टाचार के खेल पर प्रहार करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इन लोगों के सामने भी पहचान का संकट खड़ा कर दिया जाए. उन्होंने जनता को याद दिलाया कि जहां माफिया होता है वहां कभी तरक्की नहीं हो सकती.
यूपी का उदाहरण.. ‘वहां अब कर्फ्यू नहीं, उत्सव होता है’
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए योगी ने बंगाल की तुलना 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश से की. उन्होंने कहा कि यूपी में भी कभी माफिया का राज था. दंगों का डर रहता था और रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं. लेकिन जब से डबल इंजन की सरकार आई.. बुलडोजर ने माफिया की हड्डी-पसली एक कर दी. उन्होंने बताया कि आज यूपी में कोई सरेआम हत्या नहीं कर सकता और न ही किसी पर्व-त्योहार पर कोई विघ्न डाल सकता है. वहां अब कर्फ्यू नहीं भव्य उत्सव मनाए जाते हैं.
ममता दीदी को ‘राम’ नाम से चिढ़ क्यों?
सीएम योगी ने ममता बनर्जी पर हमला तेज करते हुए कहा कि ममता दीदी को ‘जय श्रीराम’ के नारे से इतनी चिढ़ क्यों है? 500 साल पहले इसी धरती से चैतन्य महाप्रभु ने ‘हरे कृष्णा-हरे रामा’ का जाप शुरू किया था फिर आज रामभक्तों पर लाठियां क्यों बरसाई जा रही हैं? उन्होंने कहा कि बंगाल में न तो बेटियां सुरक्षित हैं और न ही व्यापारी. लव जिहाद और जमीन कब्जाने के मामले यहां आम हो गए हैं लेकिन अब ‘खेला शेष’ (खेल खत्म) होने वाला है और विकास की शुरुआत होगी.
‘अब खिलेगा कमल’
पहले चरण के मतदान का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने आत्मविश्वास से कहा कि बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है. उन्होंने वादा किया कि कटवा से बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण घोष की जीत के साथ ही इलाके से सैंड माफिया का खात्मा हो जाएगा. किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वो बूथ कैप्चरिंग करे या व्यापारियों से उगाही करे. उन्होंने अंत में जोश भरते हुए कहा कि अब बंगाल में भी सीधे बैंक खातों में पैसा आएगा और भागीरथी नदी पर नए पुलों का निर्माण कराकर विकास की गंगा बहाई जाएगी.
