गाजियाबाद में गांजा तस्करी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। विजयनगर प्रताप विहार चौकी क्षेत्र में सम्राट चौक के पास पारस का अड्डा जल निगम चौकी क्षेत्र में बेबी का अड्डा गौशाला चौकी क्षेत्र में गौशाला फाटक पर दीपा का अड्डा यह सब गाजा के अड्डे थाना प्रभारी और पत्रकारों के संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहे हैं पारस नामक शख्स जेल में बंद होने के बावजूद भी गांजा तस्करी का बादशाह बना हुआ है। उसका परिवार पुलिस और पत्रकारों को महीनेदारी देकर बच निकलता है। पारस के लिए नाबालिग बच्चे और महिलाएं भी गांजा बेचने का काम करती हैं।
पुलिस की आंखों के सामने हो रहा खेल
विजयनगर के सेक्टर 11 प्रताप विहार चौकी के पास पारस का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पारस कई बार जेल भी जा चुका है, लेकिन जेल में होने के बावजूद भी उसका कारोबार नहीं रुक रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस और पत्रकारों की मिलीभगत के कारण पारस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
दलाल पत्रकारों की भूमिका
दलाल किस्म के पत्रकार पारस को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वे पारस के परिवार से महीनेदारी लेकर उनको पुलिस से बचाने का भरोसा देते हैं। इसके अलावा, वे पारस के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने में भी मदद कर रहे हैं। ये पत्रकार पारस के लिए मुखबिर का काम कर रहे हैं और पुलिस की हर कार्रवाई की जानकारी उसे देते हैं।
नाबालिग बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल
पारस नाबालिग बच्चों और महिलाओं का इस्तेमाल अपने अवैध कारोबार में कर रहा है। वह उन्हें गांजा बेचने के लिए मजबूर कर रहा है। इससे न केवल नाबालिग बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है, बल्कि महिलाओं की जिंदगी भी बर्बाद हो रही है। पारस के इस कृत्य को बाल तस्करी और मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।
आखिर कब तक चलेगा यह खेल?
गाजियाबाद के लोगों को अब अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर कब तक बेबी, दीपा ,पारस जैसे तस्करों को पुलिस और पत्रकारों का संरक्षण मिलेगा। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
बेबी और दीपा की गांजा तस्करी
थाना विजयनगर क्षेत्र में पारस ही नहीं बेबी और दीपा नामक गांजा तस्करों की तस्करी बड़े स्तर पर चल रही है ।सम्राट चौक के पास प्रताप विहार सेक्टर 11 क्षेत्र में पारस नामक गांजा तस्कर फल फूल रहा है ।वहीं जलनिगम चौकी के पास बेबी नामक महिला गांजा की तस्करी धड़ल्ले से कर रही है इसका कारोबार धुंआधार चल रहा है और युवाओं के भविष्य में नशा घोल रहा है इधर दीपा नामक गांजा तस्कर की तस्करी गौशाला चौकी के पास हो रही है ।यहां भी चिलम लगाने वाले खुलेआम नजर आते हैं तीनों क्षेत्र में थाना विजयनगर ही लगता है ।इतने बड़े स्तर पर चल रहे गांजा के कारोबार पर थाना प्रभारी विजयनगर धृतराष्ट्र बनकर बैठे हैं उनकी भूमिका संदिग्ध है ।
थाना प्रभारी विजयनगर की भूमिका संदिग्ध
गाजियाबाद के थाना विजयनगर क्षेत्र में गांजा तस्करी के बड़े मामले में थाना प्रभारी विजयनगर की भमिका संदिग्ध मानी जा रही है आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर थाना विजयनगर क्षेत्र में काफी जगह अवैध गांजा का कारोबार हो रहा है लेकिन कार्यवाही शून्य है ।क्योंकि गांजा तस्कर पुलिस को महीनेदारी देकर बच जाते हैं इस कार्य में दलाल किस्मके पत्रकार भी शामिल रहते हैं ।कई बार पारस सहित समस्त गांजा तस्करों की शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और कथित पत्रकारों की मिलीभगत के कारण गांजा का कारोबार चल रहा है ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिस की भूमिका की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए ।लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो यह खेल और बड़ा रूप ले सकता है ।इसके साथ ही हिंडन किनारे डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग भी हो रही है ।थाना विजयनगर को दो दलाल चला रहे हैं ,थाना प्रभारी को कठपुतली बना दिया है ।
अब क्या होगा?
अब देखना यह है कि कब तक पुलिस के उच्चाधिकारियों की नजर बेबी, दीपा,पारस के अवैध गांजा व्यापार पर पड़ती है और कार्रवाई होती है। क्या पुलिस और पत्रकारों की मिलीभगत के कारण यह खेल चलता रहेगा या फिर प्रशासन इस पर लगाम लगाएगा। यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
