लखनऊ में मंच पर अमित शाह बीचो-बीच बैठे थे, जबकि उनकी दाईं तरफ सीएम योगी और बाएं तरफ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य थे. तकरीबन घंटे भर के इस कार्यक्रम में अमित शाह कभी दाएं तो कभी बाएं दोनों नेताओं से गुफ्तगू करते दिखाई दिए.
लखनऊ दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को ‘मित्र’ कहकर संबोधित किया, जिसके बाद सियासी गलियारे में तरह-तरह की चर्चा होने लगी. इसको लेकर अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी रिएक्ट किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा- इन्होंने इश्तहार में न लगाया उनका चित्र… उन्होंने किसी और को कह दिया ‘मित्र’!
आपको बता दें कि बीते रविवार को लंबे वक्त के बाद अमित शाह लखनऊ आए थे. कार्यक्रम था 60 हजार से ज्यादा पुलिस भर्ती का नियुक्ति पत्र देना. सभी की निगाहें इस ओर टिकी थीं कि लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश में मंच शेयर कर रहे अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ की बॉडी लैंग्वेज क्या संकेत देती है.
मंच पर अमित शाह बीचो-बीच बैठे थे, जबकि उनकी दाईं तरफ सीएम योगी और बाएं तरफ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य थे. तकरीबन घंटे भर के इस कार्यक्रम में अमित शाह कभी दाएं तो कभी बाएं दोनों नेताओं से गुफ्तगू करते दिखाई दिए.
शाह के बयान के मायने
कार्यक्रम अपनी रफ्तार से चल रहा था लेकिन जब अमित शाह के संबोधन की शुरुआत हुई तो सबका ध्यान उनपर चला गया, क्योंकि अपने संबोधन में अमित शाह ने केशव मौर्य को अपना ‘मित्र’ कह कर संबोधित किया.
गौरतलब है कि केशव मौर्य को पहली बार अमित शाह ने सार्वजनिक तौर पर ‘मित्र’ तब कहा जब सीएम योगी भी मंच पर मौजूद थे. सोशल मीडिया पर अमित शाह का यह संबोधन खूब वायरल हुआ लेकिन इस संबोधन का एक हिस्सा ही दिखाया गया जिसमें अमित शाह ने उन्हें अपना ‘मित्र’ कहा जबकि मित्र कहने के पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को अमित शाह ने लोकप्रिय और सफल मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया.
दरअसल, अमित शाह ने अपने संबोधन के कुछ वाक्यों के जरिए ही यूपी सरकार और बीजेपी की सियासत को अपना संदेश साफ कर दिया. संदेश साफ है कि केशव मौर्य बीजेपी के शीर्ष नेताओं की पसंद भी हैं और करीबी भी. योगी सरकार के दूसरे टर्म में बेशक उनकी पुरानी हनक नहीं हो लेकिन केशव मौर्य को अपना ‘मित्र’ बताकर अमित शाह ने साफ कर दिया कि मौर्य को कोई कमजोर समझने की भूल न करे.
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इसी संबोधन में जब अमित शाह ने योगी को सबसे सफल और लोकप्रिय सीएम कहा तो वो कन्फ्यूजन भी साफ कर दिया कि सीएम के चेहरे को लेकर कोई बदलाव होगा. सियासी जानकार एक वाक्य में दो शब्दों के मायने निकालने लगे हैं. सियासी जानकारों के मुताबिक, अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही योगी को सफल और लोकप्रिय बताकर यह साफ कर दिया की उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा लेकिन यूपी में बीजेपी की सियासत ओबीसी चेहरे के बगैर नहीं. यही नहीं केशव मौर्य यूपी बीजेपी के सियासत के केंद्र में ही होंगे.
