सीएम सुक्खू ने केंद्र से हिमाचल के लिए आरडीजी ग्रांट बहाल करने का संकल्प जताया

राज्य हिमाचल प्रदेश

शिमला। केंद्र से हिमाचल को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी ग्रांट) बंद होने को लेकर राजनीति गरमा गई है। राज्य सरकार इसको लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। सत्र से पहले 8 फरवरी को राज्य सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। इसी दिन विधायक दल की बैठक भी होगी।

विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के साथ भाजपा विधायकों को भी बुलाया जाएगा। बैठक में वित्त विभाग द्वारा तैयार की गई प्रेजेंटेशन दी जाएगी। इसमें बताया जाएगा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से आने वाले समय में हिमाचल की अर्थ व्यवस्था पर किस तरह के परिणाम देखने को मिलेंगे। यह नुकसान न केवल वर्तमान सरकार को होगा, बल्कि आने वाले 10 सालों में प्रदेश की अर्थ व्यवस्था व विकास पर इसके क्या परिणाम देखने को मिलेंगे। इसके बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इसलिए इसमें भाजपा विधायकों को भी बुलाया जाएगा।

हालांकि, भाजपा विधायक दल इस बैठक में आता है या नहीं, ये उन पर निर्भर करेगा। सरकार की तरफ से इस प्रयास को बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि आरडीजी ग्रांट बहाल करने के लिए संर्घष किया जाएगा। उन्होंने पहले भी केंद्रीय वित्त मंत्री व वित्तायोग के अध्यक्ष से मुलाकात की है। वह दोबारा केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों की अध्यक्षता में भी केंद्र सरकार के पास जाने को तैयार है, यह मुद्दा किसी दल का नहीं बल्कि जन हित का है।

मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि आरडीजी ग्रांट बंद कर केंद्र ने संघीय ढांचे पर प्रहार किया है। हिमाचल जैसे राज्य के साथ ऐसा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि प्रदेश भाजपा व भाजपा सांसद तर्क दे रहे हैं कि ग्रांट न केवल हिमाचल बल्कि 17 राज्यों की बंद हुई है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का कहना है कि वित्तायोग ने अन्य मदों में हिमाचल को अतरिक्त बजट मुहैया करवाया है।

हम सरकार के साथ चलने को तैयार है। सरकार पहले खुद कदम बढ़ाए। -जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष

हिमाचल के हित की बात, सभी को आगे आना होगा: सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दम से ग्रांट बंद होना व पैसा आना बंद होने से अगले पांच सालों में प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे। इस स्थिति से कैसे बाहर निकला जा सकता है, कैसे नीतियों में बदलाव किया जा सकता है, इस पर कार्य करना होगा। उन्होंने भाजपा नेताओं को कहा कि वे 17 राज्यों की ग्रांट बंद होने होने की जो बात कह रहे हैं, उसमें हिमाचल को शामिल न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने जून 2022 तक जीएसटी मुआवजा 3200 करोड़ दिया। जून 2022 के बाद इसे बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनसंख्या कम है और यहां उत्पादन व उपभोक्ता कम है। ऐसे में हमें जीएसटी मुआवजा राशि जारी रहनी चाहिए। प्रदेश पिछले तीन सालों से प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि वे चार बार केंद्रीय वित्त मंत्री व वित्तायोग के अध्यक्ष से मिले थे। हम केंद्र से लगातार मांग उठा रहे थे कि अगले पांच साल हमें बराबर ग्रांट दी जाए।

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