पांच लाख तक का मुफ्त इलाज, बेटियों की पढ़ाई से बुजुर्गों की पेंशन तक… गीजा की चौपाल में खुला योजनाओं का खजाना

उत्तर प्रदेश राज्य

सैफई : गंभीर बीमारी में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, जन्म से उच्च शिक्षा तक बेटियों को आर्थिक सुरक्षा, बुजुर्गों व निराश्रित महिलाओं को मासिक पेंशन और स्वरोजगार के लिए पशुपालन पर सरकारी सहयोग ग्राम पंचायत गीजा की चौपाल में जब इन योजनाओं का लाभ एक-एक कर बताया गया तो ग्रामीणों को महसूस हुआ कि शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाएं केवल जानकारी के अभाव में उनसे दूर हैं। मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम ने कहा कि पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है, लेकिन जागरूकता के बिना यह संभव नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी पात्र ग्रामीण केवल अनभिज्ञता के कारण वंचित नहीं रहेगा।
चौपाल में आयुष्मान योजना की जानकारी प्रमुखता से दी गई। बताया गया कि पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार मिलता है। 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया। जिन राशन कार्डों में छह से अधिक सदस्य दर्ज हैं, उन्हें भी प्राथमिकता से आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी गई, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवार पर आर्थिक संकट न आए।
कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत असहाय बच्चों के पालन-पोषण व शिक्षा के लिए सहयोग, मान वंदना योजना में गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण सहायता, वृद्धा पेंशन से बुजुर्गों को मासिक संबल, विधवा पेंशन से निराश्रित महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा तथा दिव्यांग पेंशन से दिव्यांगजनों को नियमित सहायता की प्रक्रिया समझाई गई। दिव्यांग युवक-युवती विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह के लिए अनुदान का प्रावधान भी बताया गया।
स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बकरी पालन, पशुपालन और मुर्गी पालन योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि कम लागत में शुरू होने वाले ये कार्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में कारगर साबित हो सकते हैं और विभागीय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। प्रीति ने आंगनवाड़ी का मानदेय न मिलने की शिकायत की। राशन कार्ड से नाम कटने की शिकायतों पर मुख्य विकास अधिकारी ने मौके पर ही सप्लाई इंस्पेक्टर को बुलाकर निर्देश दिए कि केवाईसी के दौरान हटाई गई पात्र यूनिटों की जांच कर तत्काल जोड़ा जाए और अधूरी केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराई जाए। नगला हरनाथ के ग्रामीण ने खेल मैदान व रास्ते की समस्या उठाई, जिस पर संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधान राधा कृष्ण यादव से गांव स्तर पर पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया। अंत में ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को बुके भेंट कर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
चौपाल में खंड विकास अधिकारी गौरव पुरोहित, सहायक विकास अधिकारी राजेश सिंह, पूर्ति निरीक्षक महेश कुमार, ग्राम पंचायत सचिव अमित सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल, लेखपाल संजीव कुमार यादव, एडीओ कृषि कुलदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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