हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी तुम देखी सीता मृग नैनी

उत्तर प्रदेश राज्य

श्रीराम कथा हमें जीवन जीना सिखाती है – महामंडलेश्वर

पूछ्ते है राम हनुमत बता दीजिए, किसने कहा था लंका जला दीजिए

नोएडा सेक्टर 82 स्थित पॉकेट 7 में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन कथा व्यास अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी महाराज ने कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भरत जी चित्रकूट में भगवान राम से मिलते हैं। भगवान राम उनको गले से लगा लेते हैं और पिता का वचन याद दिला कर वापस अयोध्या भेज देते हैं। आगे भगवान राम पंचवटी में निवास करते हैं जहां पर रावण की बहन सूर्पनखा पहुंचती है और विवाह का प्रस्ताव रखती है। बार बार मना करने पर भी नहीं मानती है तो लक्ष्मण जी उसके नाक कान काट लेते हैं। रावण दरबार में सुर्पणखा विलाप करती हुई पहुंचती हैं। रावण ने उसकी दशा देखकर पूछा कि तेरे नाक कान किसने काटे। सुर्पणखा ने कहा कि राम लक्ष्मण दशरथ के पुत्र हैं। राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने नाक कान काटे है और उन्होंने खर दूषण और त्रिसरा का भी वध कर दिया। रावण सोचता हैं खर दूषण को मारने वाला निश्चित ही कोई अवतार है।

‘‘ तो मै जाइ बैर हठि करऊॅ। प्रभु सर प्रान तजे भव तरऊॅ’’।

रावण मारीचि के पास जाता हैं और राम से बदला लेने के लिए कपट मृग बनने को कहता हैं। मारीचि सोने का मृग बनकर पंचवटी से निकलता हैं तो सीता राम जी से उस स्वर्ण मृग की खाल लाने को कहती हैं। राम जी उसके पीछे जाते है और उस स्वर्ण मृग को एक बाण से मार देते हैं। मारीचि मरते समय हा लक्ष्मण हा लक्ष्मण की आवाज करता हैं। सीता जी ने राम को संकट में जानकर लक्ष्मण को उनकी सहायता में भेजती है। मौका देखकर लंकेश साधु का वेश रखकर सीता को जबरदस्ती सीता को रथ में बैठाकर आकाश मार्ग से जाता हैं।

‘‘ गीधराज सुनि आरत बानी। रघुकुल तिलक नारि पहिचानी’’।

जटायु रावण पर हमला कर देते हैं इसके बाद लंकेश जटायु के पंख तलवार से काट देता है। इधर राम लक्ष्मण पंचवटी पहुंचते हैं वहां पर सीता को न पाकर दुःखी होकर ढूंढने लगते हैं।

‘‘ हे खग मृग हे मधुकर श्रेनी तुम देखी सीता मृग नैनी’’।

रास्ते में घायल गिद्व राज जटायु मिलते हैं वह सारा वृतांत बताते हैं और भगवान की गोद में अपने प्राण त्याग देते हैं। उसके बाद भगवान सबरी के आश्रम पहुंचते हैं जहां पर प्रेम भक्ति में सबरी के झूठे बेर खाते हैं। इस अवसर पर श्री राम कथा आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी देव मणि शुक्ल ने बताया कि श्रीराम कथा के नौवें दिन लंका दहन, रावण वध और राम राज्याभिषेक आदि प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। इस मौके पर देवमणि शुक्ल, रवि राघव, गोरे लाल, रमेश वर्मा, संजय पांडे, अंगद सिंह तोमर, हरि शंकर सिंह, सत्येन्द्र प्रताप सिंह,संजय शुक्ला, रमेश दास, हंस मणि शुक्ल, विकास शर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, विश्वनाथ त्रिपाठी, गौरव, रविंद्र सिंह, देवेंद्र गुप्ता, अनूप सिंह, संगम प्रसाद मिश्र, प्रकाश जोशी, संदीप, सर्वेश तिवारी, दीपक तिवारी, विष्णु शर्मा , बृजेन्द्र सिंह, रमेश चंद्र शर्मा, संजीव ढाली, पंकज झा, विपिन कुमार, अवनीश तिवारी, विजय कुमार झा, मुरारी झा, प्रमोद श्रीवास्तव, शिव चौधरी, वलराम कर्ण, पदम सिंह, पी के पांडेय, राम भरोसे झा, उपेंद्र सिंह, राजेश कुमार सिंह, जगपाल यादव, अंकित सिंह, दिनेश पाठक,विजय कुमार, सी एल तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, बी के भारद्वाज, प्रशांत कुमार पाठक, राकेश कुमार शर्मा,राकेश कुमार, अनिल कुमार शर्मा, देव नारायण तिवारी, संजीव कुमार मिश्रा, अजय सिंह, रंजन गिरि, धर्मेंद्र कुमार मिश्रा, राजवीर सिंह, गिरि राज, सुबोध तिवारी, आशीष कुड्डू, विवेक सिंह, नागेश सिंह, अनिल कुमार चौधरी, अवनीश शर्मा, संजय तिवारी, किशोर कपूर,विनोद मिश्रा , सी एल पांडेय, अंशु झा, सुभाष चन्द्र शर्मा, अटल गुप्ता, जितेंद्र सिंह सहित तमाम सेक्टरवासी भक्त मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *