उत्तराखंड में दालचीनी खेती को मिलेगा बढ़ावा, अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ

उत्तराखंड राज्य

देहरादून। उत्तराखंड में दालचीनी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने तथा सगंध एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में गुरुवार को दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला की स्मारिका का भी विमोचन किया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सगंध खेती को प्रोत्साहित करने के लिए महक क्रांति नीति-2026 लागू की गई है। इसके तहत प्रदेश में 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती के अंतर्गत लाकर लगभग 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल जनपदों में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘सिनेमन वैली’ विकसित की जा रही है, जिससे किसानों और उद्यमियों को नए आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में एरोमा और औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सगंध खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उत्तराखंड को एरोमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों सहित वन भूमि पर वन विभाग के समन्वय से औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाए तथा अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दिलाई है और यह सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण तथा विपणन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर मंत्री ने सेमिनार में भाग लेने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को सम्मानित किया तथा औषधीय पौधों से निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया।“दालचीनी: प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।कार्यक्रम में राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की उपाध्यक्ष सोना सजवाण, कृषि सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे, अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, सगंध पौधा केंद्र (कैप) के निदेशक डॉ. नृपेन्द्र चौहान, फफाई के अध्यक्ष योगेश दूबे सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ता, वैज्ञानिक एवं कृषक उपस्थित रहे।

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