देहरादून में लैब तकनीशियनों का प्रदर्शन, आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रिया की मांग

उत्तराखंड राज्य

देहरादून में उत्तराखंड के बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। संगठन के अनुसार, वे पिछले 31 दिनों से एकता विहार, देहरादून स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। लेकिन अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

सेवा नियमावली और भर्ती की मांग प्रमुख मुद्दा

संगठन का कहना है कि उत्तराखंड राज्य गठन के 26 वर्षों बाद भी चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के लिए न तो सेवा नियमावली बनाई गई है और न ही नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
इसके चलते प्रदेश के हजारों प्रशिक्षित और पंजीकृत युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी स्टाफ की कमी बनी हुई है।

तकनीशियनों की प्रमुख मांगें

आंदोलनरत तकनीशियनों की मुख्य मांगों में भारतीय जनस्वास्थ्य मानकों (IPHS) के अनुसार मेडिकल लैब तकनीशियन पदों का सृजन करना शामिल है। इसके साथ ही वर्षवार मेरिट के आधार पर सेवा नियमावली लागू कर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की जा रही है।
संगठन ने यह भी मांग रखी है कि जिन अभ्यर्थियों की उम्र भर्ती न होने के कारण पार हो चुकी है, उन्हें एकमुश्त आयु में छूट दी जाए। साथ ही सरकारी प्रयोगशालाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

20 जून को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान

संगठन के महासचिव मयंक राणा ने जानकारी दी कि मांगों के समाधान के लिए 20 जून को सुबह 11 बजे गांधी पार्क, राजपुर रोड से मुख्यमंत्री आवास कूच और घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल रोजगार का नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा बड़ा मुद्दा

आंदोलनरत तकनीशियनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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