एत्मादपुर में धरना-प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट कूच की कोशिश, पुलिस ने रास्ते में रोका; वायरल ऑडियो-वीडियो में युवाओं ने उठाए सवाल
जनपद आगरा:- यूजीसी रोल बैक की मांग को लेकर एत्मादपुर में सवर्ण समाज की ओर से किए गए धरना-प्रदर्शन के बाद आंदोलन के भीतर ही नई रार सामने आ गई। सिस्टम सुधार संगठन के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर कर रहे थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन में शामिल ट्रैक्टरों को भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।
इसी बीच प्रदर्शन से जुड़े कई ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया ग्रुपों में वायरल होने लगे। इनमें आंदोलन में शामिल बताए जा रहे कुछ युवा अंशुमन ठाकुर के बीच से चले जाने को लेकर नाराजगी जाहिर करते सुनाई दे रहे हैं। एक वायरल ऑडियो में युवक कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वे अंशुमन ठाकुर के कहने पर आंदोलन में पहुंचे थे और अब पुलिस कार्रवाई के बाद दोबारा आंदोलन में शामिल नहीं होंगे।
वहीं कुछ अन्य वायरल ऑडियो में युवाओं की ओर से यह सवाल उठाया गया कि जब सभी लोग आंदोलन के लिए पहुंचे थे तो नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को भी उनके साथ रहना चाहिए था। कुछ लोगों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि उन्हें बीच में छोड़कर अकेले जाने से आंदोलन में शामिल लोगों में नाराजगी पैदा हुई। वायरल बातचीत में आंदोलन के उद्देश्य और नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी तीखी टिप्पणियां सामने आईं।
धरना-प्रदर्शन के बीच इस तरह के ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद आंदोलन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। समर्थकों के बीच ही नेतृत्व की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ युवाओं की नाराजगी इस बात को लेकर दिखाई दी कि जब वे आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने रास्ते में रोक लिया, जबकि नेतृत्व को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए।
अंशुमन ठाकुर बोले—प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार से हुई बातचीत
मामले में सिस्टम सुधार संगठन के अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर का कहना है कि वह आंदोलन से गायब नहीं हुए थे, बल्कि उनका प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में सरकार से बातचीत के लिए गया था। उनका दावा है कि प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ बातचीत हुई है और इसी सिलसिले में वह वहां गए थे।
हालांकि, वायरल ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद आंदोलन में शामिल कुछ युवाओं की नाराजगी कम होती दिखाई नहीं दे रही है। युवाओं और संगठन के नेतृत्व के बीच सामने आई इस खींचतान ने यूजीसी रोल बैक आंदोलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखने वाली बात होगी कि संगठन इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है।
