(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)
मथुरा। विश्वविख्यात द्वारकाधीश मन्दिर में श्रीराजाधिराज मंदिर एवं षष्ठीपूर्ति महोत्सव कमेटी, मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे अनंत विभूषित जगद्गुर श्रीमद् वल्लभाचार्य शुद्धाद्वैत तृतीय पीठाधीश्वर परम पूज्य गोस्वामी 108 डॉक्टर वागीश कुमार महाराज की षष्ठीपूर्ति (60वां अवतरण दिवस) के उपलक्ष्य में त्रि-दिवसीय महामनोरथ समारोह के तीसरे दिन पूज्य महाराजश्री द्वारा यमुना तट पर 1100 कमल पुष्पों से श्रीयमुना महारानी का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य अर्चन एवं चुनरी मनोरथ किया गया।इसके अलावा सायं काल द्वारकाधीश मन्दिर में ठाकुरश्री राजाधिराज को विशाल छप्पन भोग निवेदित किए गए।साथ ही पद गायन एवं संकीर्तन आदि के कार्यक्रम सम्पन्न हुए।इससे पूर्व ग्वाल के दर्शन, नंद महोत्सव, सोने के पलना एवं राजभोग दर्शन के साथ-साथ
द्वारकाधीश प्रभु का भव्य कुंनवारा मनोरथ तथा फूल फाग की होली के दर्शन हुए।
इस अवसर पर समस्त भक्तों-श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन देते हुए कांकरोली नरेश, तृतीय पीठाधीश्वर परम पूज्य गोस्वामी 108 डॉक्टर वागीश कुमार महाराज ने कहा कि पुष्टि मार्ग संप्रदाय की परंपराएं अत्यन्त प्राचीन और गौरवशाली हैं।जिनकी स्थापना 16 वीं शताब्दी में स्वामी महाप्रभु वल्लभाचार्य ने की थी।इसीलिए इसे वल्लभ कुल भी कहा जाता है।यह “शुद्धाद्वैत” दर्शन का पालन करता है, जहाँ ईश्वर की कृपा (पुष्टि) के माध्यम से मोक्ष से अधिक भगवान के सान्निध्य का आनंद (सेवा) मुख्य माना जाता है।
कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार “यूपी रत्न” डॉ. गोपाल चतुर्वेदी, महोत्सव के संयोजक डॉ. सहदेव कृष्ण चतुर्वेदी एवं सह-संयोजक व मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी, एडवोकेट, द्वारकाधीश मन्दिर, मथुरा के अधिकारी वैद्य अशोक कुमार शर्मा, सहायक अधिकारी सत्यनारायण शर्मा, समाधानीश्री ब्रजेश चतुर्वेदी, डॉक्टर मनोज मोहन शास्त्री, सचिन चतुर्वेदी, समाधानीश्री राजुभाई चतुर्वेदी, डॉ. राधाकांत शर्मा, नरेंद्र भाई शाह (नेहरू भाई), शुभमभाई शाह, ध्रुवभाई शाह, मुकेश भाई परिख, प्रकाश भाई पटेल, मुकेश भाई मेहता आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
