गौतम बुद्ध नगर, 17 मार्च 2026
गाँव पचायतन, ग्रेटर नोएडा में विगत दिवस बच्चों के बचपन और उनके शुरुआती सीखने का उत्सव मनाने के लिए “आओ बचपन मनाएं” प्रारंभिक शिक्षण उत्सव का आयोजन किया गया। इस अनोखे उत्सव में 300 से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में बच्चे, अभिभावक, समुदाय के सदस्य, स्कूल शिक्षक, प्रधानाचार्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ, सुपरवाइज़र, आईसीडीएस गौतम बुद्ध नगर के अधिकारी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) संध्या सोनी शामिल रहीं।
यह उत्सव LECIN द्वारा “बचपन मनाओ” (एकस्टेप फाउंडेशन की पहल) के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को यह अनुभव कराना था कि बच्चे खेल और अनुभवों के माध्यम से कैसे सीखते हैं तथा बचपन को कैसे समझा और मनाया जा सकता है। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों के स्वागत गोले और उनके उत्साहपूर्ण फ्लैश मोब से हुई। इसके बाद पचायतन आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता निर्मला जी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके पश्चात विभिन्न सीखने और खेलने के कोने सभी के लिए खोले गए, जहाँ बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर गतिविधियों का अनुभव किया। इनमें पारंपरिक खिलौना निर्माण कार्यशाला, मिट्टी से आकृतियाँ बनाना, कहानी पाठ, बच्चों द्वारा कहानी सुनाना, मुक्त खेल, शारीरिक खेल और कल्पनात्मक खेल जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। बच्चों ने अपनी पसंदीदा कहानी “बैंगनी जोजो” भी सुनाई।
कार्यक्रम की एक विशेष झलक तब देखने को मिली जब गाँव के समुदाय के सदस्य पारंपरिक गीत, संगीत और वाद्ययंत्रों के साथ आए और सामूहिक प्रस्तुति दी। इससे पूरे कार्यक्रम का माहौल और भी उत्सवमय हो गया।
उत्सव के दौरान पचायतन आंगनवाड़ी के बच्चों के सीखने के पोर्टफोलियो और उनकी सीखने की यात्रा भी प्रदर्शित की गई। इसमें यह दिखाया गया कि बच्चे खेल और गतिविधियों के माध्यम से संख्याएँ, शब्द, पढ़ना और लिखना सीख रहे हैं।
गौरतलब है कि पूरे गौतम बुद्ध नगर में पहली बार इस तरह का प्रारंभिक शिक्षण उत्सव आयोजित किया गया, जिसमें समुदाय और शिक्षकों की इतनी बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
LECIN वर्ष 2023 से पचायतन, कासना, खानपुर, सिरसा, लढ़पुरा और आज़मपुर गढ़ी के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्कूल तैयारी पर काम कर रहा है। यह उत्सव बच्चों के सीखने की उसी यात्रा का एक जीवंत प्रदर्शन था।
आने वाले शैक्षणिक सत्र में पचायतन स्कूल में कक्षा-01 के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू करने की योजना है, जिसका उद्देश्य बच्चों की मजबूत नींव तैयार करना और शुरुआती शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाना है।
