योगीराज में भूमाफियाओं ने की हदें पार प्राधिकरण की भूमि पर अवैध कब्जा
- सौरखा गांव में प्राधिकरण की जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे को मुक्त कराने की उठी आवाज।
- समय रहते भू-माफियाओं से जमीन नही मुक्त तो बड़े पैमाने पर होगा आंदोलन और माननीय उच्च न्यायालय का खटखटाया जाएगा दरवाजा।
गौतमबुद्धनगर। प्रदेश की सत्ता योगी आदित्यनाथ के हाथों में जब से आई है तब से भू माफियाओं में हड़कंप मचा है। 19 मार्च 2017 को सरकार बनते ही सीएम एक्शन मे आ गए। एंटी भू माफिया टास्क सेल का गठन कर दिया और अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि भू माफिया कितने भी प्रभावशाली क्यों न हो अवैध कब्जे हटवाए जाए। मुख्यमंत्री के सख्त तेवर देख अधिकारी हरकत में आए और भू माफियाओ से जमींन को मुक्त कराया जाने लगा। जगह जगह बाबा का बुल्डोजर गरजने लगा तो माफियाओं
की हेकड़ी निकल गई और दिलों में हडकंप बना रहता है। लेकिन वहीं एसे भी भूमाफिया सामने आ रहे हैं जिन्हें न तो योगीराज का भय न तो इनके अधिकारियों का डर, बेखौफ होकर बेसकीमती प्राधिकरण की जमीन कब्जा कर निर्माण किए हुए सरकार को चुनौती देने का कार्य कर रहे हैं। बताते चलें कि अंतर्गत सौरखा गांव, जो आस-पास के क्षेत्रों में सबसे बड़ी आबादी वाला गांव है, प्राधिकरण की जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है। खसरा संख्या 388 और 373 पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जबकि समाजसेवियों ने इस पर कई बार शिकायतें की हैं। बावजूद इसके, प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारियों की लापरवाही के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है।
गांव में बारात घर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जबकि भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। समाजसेवी संगठनों का लगातार प्रयास है कि गांव में एक बारात घर का निर्माण हो, लेकिन प्राधिकरण की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे ने इसे मुश्किल बना दिया है।
समाजसेवियों ने शासन के उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की योजना भी बनाई जा रही है। अब यह देखना होगा कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का समाधान निकालता है या इसे अनदेखा करता है।
गौतमबुद्धनगर के सौरखा गांव में प्राधिकरण की भूमि पर हुए कब्जे को मुक्त कराने के लिए अब क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग व संगठन आवाज उठा रहे है। इनका कहना है कि क्षेत्र की भलाई के लिए अती आवश्यक है कि शासन प्रशासन मिलकर इस मुद्दे पर ध्यान दें और भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए प्रधिकरण की जमीन को मुक्त कराएं, साथ ही जनहित को देखते हुए बारात घर का निर्माण करवा कर जनहित के उपयोगी कार्य को पूर्ण कराया जाए। अगर समय रहते यह नहीं हुआ तो माननीय उच्च न्यायालय का दरवाज खटखटाया जाएगा।
