दूसरों को देखकर सीखने में यदि 10 साल भी लग जाए तो कभी परवाह मत करना क्योंकि जितना आप 10 सालों में नही कमाओगे उससे कही ज्यादा आप 1 साल में ही कमा लेंगे-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।
पिछले 41 वर्षों से लोगो को लगातार देखकर उन्हें परखकर उनसे सबक लेकर उनसे धोखे खाकर और अन्याय अधर्म अत्याचार से जंग लड़कर जो ज्ञान हासिल होता है वह ज्ञान दुनिया की किसी भी किताब व किसी भी यूनिवर्सिटी में नही मिल सकता।
हमने 41 वर्ष के कठिन दौर में देखा है नार्मल रहकर नॉर्मल खाकर नॉर्मल जिंदगी जीकर नॉर्मल सोकर नॉर्मल काम करके नॉर्मल बाते करके नॉर्मल विचार लिखकर नार्मल लोगो मे रहकर कोई भी व्यक्ति बड़ा नही बन सकता और नाही वो बड़ा काम कर सकता है बड़ा काम करने के लिए व बड़ा बनने के लिए अबनॉर्मल बनना ही पड़ता है।
किसी के कामो को देखकर,किसी के शरीर की फिटनेश को देखकर किसी की पर्सनल्टी को देखकर किसी के वैल पहनावे को देखकर किसी के विचारों को पढ़कर किसी की संगत में रहकर यदि आप मे बदलाव आने लगे तो समझ लेना वह कोई साधारण व्यक्ति नही है।
अपनी कलम का,अपने पद का,अपनी पावर का,अपने रसूख और प्रभाव का,अपने ज्ञान का,अपने टेलेंट का आप सही जगह उपयोग करो तभी आप सफल हो सकते हो अन्यथा नही।
संघर्ष और जनसेवा है लक्ष्य हमारा।
