तथाकथित पत्रकार दे रहे प्रशासन को चुनौती, फर्जी ट्विटर अकाउंट के सहारे कर रहे अवैध वसूली

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तथाकथित पत्रकार दे रहे प्रशासन को चुनौती, फर्जी ट्विटर अकाउंट के सहारे कर रहे अवैध वसूली

ट्विटर पर अवैध वसूली का बना लिया है अड्डा: दलालों का बढ़ता जा रहा आतंक।

प्रमोद यादव

नोएडा। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ का राज है जहां अपराधी और दलाल खुद के बचने का जतन खोज रहे हैं। वहीं कुछ तथाकथित पत्रकार जो समाजसेवी बने धडल्ले से अवैध वसूली का कारनामा करते हुए योगी के शासन को चुनौती देने का कार्य कर रहे हैं फर्जी रूप में ट्विटर (एक्स) एकाऊंट बना कर धनउगाही का धंधा ताबड़तोड़ कर रहे हैं जिससे प्रशासन अभी अंजान है। बताते चलें कि दो बड़े क्षेत्र नोएडा और गाजियाबाद में इन दिनों कुछ लोगों ने पत्रकारिता और समाजसेवी संगठनों के नाम पर अवैध वसूली का एक नया धंधा शुरू कर दिया है। ये लोग नई-नई ट्विटर आईडी बनाकर शराब की दुकानों दबाव बना रहे हैं। गौरव प्रजापति नामक व्यक्ति, जो गौरव हिंदू” नाम से ट्विटर पर सक्रिय है, और इसके अलावा दर्जन भर फर्जी नए-नए नाम से ट्विटर आईडी है जिनसे ओवर रेट शराब की वीडियो शेयर कर दुकानदारों को चालान और कानूनी कार्रवाई का डर दिखा रहा है।

इन दलालों का modus operandi बेहद चालाक है। ये पुरानी वीडियो को एडिट कर वायरल करते हैं और फिर दुकानदारों को धमकाते हैं। गौरव प्रजापति के साथ चार से पांच लोग भी होते हैं, जो इस अवैध वसूली में उसकी मदद करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य नकली पत्रकारिता का सहारा लेकर लोगों से पैसे वसूलना है। इन दलालों का पत्रकारिता से और समाजसेवी संगठनों से कोई दूर-दूर तक का वास्ता नहीं है कुछ दलाल किस्म के पत्रकारों के संरक्षण में सुबह से शाम तक करते हैं बड़े पैमाने पर दलाली उसे दलाली के पैसे से जी रहे आलीशान जिंदगी चंद मीना में बदल देते हैं लग्जरी गाड़ी दलाल की ट्विटर आईडी का नाम गौरव हिंदू काम स्पा, हुक्का बार, शराब की दुकानों के सुबह से शाम तक दर्जन भर ट्वीट डिलीट करके उससे दलाली करना अवैध वसूली करते-करते इनके हौसले बुलंद हो गए हैं आज तक इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है

इन लोगों की गतिविधियों से वास्तविक पत्रकारिता को नुकसान पहुंच रहा है, क्योंकि वे समाज में गलत संदेश फैला रहे हैं। ना तो इनका पत्रकारिता से कोई लेना-देना है, और ना ही समाजसेवी संगठनों से। इनकी ट्विटर आईडी पर मीडिया या सामाजिक संगठन का फर्जी नाम लिखा होता है, जो इनके असली इरादों को छुपाने का काम करता है।

इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके और वास्तविक पत्रकारिता एवं समाजसेवी संगठनों की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखा जा सके। शासन प्रशासन को ऐसे दलालों पर सख्ती से कार्यवाही करते हुए, इनसे शिकार हो रहे लोगों का जनहित में बचाव करके दलालों से क्षेत्र को मुक्त रखना कानूनी व्यवस्था मे आवश्यक हो गया है।

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