यूपी सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क की साजिश को नाकाम करते हुए यूपी पुलिस और एटीएस ने सूबे से 52 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि एटीएस और यूपी पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी व आईएसआई से जुड़े मॉड्यूल के अब तक 52 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। 12 मुकदमे दर्ज कर इस पूरे नेटवर्क को लगातार खंगाला जा रहा है। 60 संदिग्ध युवकों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है। अब तक 175 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ में पाकिस्तानी गैंगस्टर द्वारा इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म से अलग-अलग बनाए गए ग्रुप की पोल खुली है।
इससे पहले देशभर में 14 राज्यों में एटीएस ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के 250 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। गृह मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तारी के बाद संदिग्धों से बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया गया। जिसमें आईईडी, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं।
सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई के तहत 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान से चलने वाले शहज़ाद भट्टी नेटवर्क को आईएसआई का समर्थन हासिल है और यह नेटवर्क भारत में ग्रेनेड, आईईडी और पेट्रोल बम हमलों के साथ-साथ टारगेटेड हत्याओं में भी शामिल रहा है। अधिकारी ने आगे कहा कि यह नेटवर्क पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करने और जासूसी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए स्थानीय लोगों को पैसे भी दे रहा है।
पाक हैंडलर गाजी बाबा ने जैश कमांडर से कराई थी जफर की बात
वहीं, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए फंडिंग कर रहे संदिग्ध आतंकी मोहम्मद जफर पाकिस्तानी हैंडलर गाजी बाबा के संपर्क में था। गाजी बाबा ने जफर की बातचीत जैश-ए-मोहम्मद के एक कमांडर से कराई। जफर से ऑनलाइन पूछताछ की गई और इसके बाद वीडियो कॉल पर संपर्क किया गया। इसके बाद ही जफर को फंडिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। फिलहाल एटीएस और खुफिया एजेंसियां मिलकर गाजी बाबा को लेकर जानकारी जुटाने में लगी हैं। दूसरी ओर, जिन बाइनेंस अकाउंट में जफर ने रकम ट्रांसफर की थी, उन्हें लेकर भी छानबीन की जा रही है।
यूपी एटीएस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया था। खुलासा किया गया कि बाइनेंस अकाउंट में आरोपी ने इसी आतंकी संगठन के लिए रकम ट्रांसफर कराई थी। आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर खुलासा हुआ कि वह पाक हैंडलर गाजी बाबा के संपर्क में था। पूछताछ में पता चला कि गाजी बाबा ने जफर की बातचीत जैश के एक कमांडर से कराई थी।
