देहरादून: उत्तराखंड में आगामी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटी हुई हैं. एक तरफ, राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय नेताओं का उत्तराखंड दौरा जारी है. दूसरी तरफ, चुनाव कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर राजनीतिक दल धरातल पर नजर भी आने लगे हैं. भाजपा की ओर से आगामी डेढ़ महीने के लिए संगठनात्मक कार्यक्रम जारी किए जा चुके हैं. उधर 17 अगस्त को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है. जिसमें संगठनात्मक कार्यक्रम तय किए जाएंगे.
उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के लिए आगामी विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती बन गया है. भाजपा के लिए एक बार फिर चुनाव जीत कर चुनावी हैट्रिक लगाने की चुनौती है. जबकि लगातार दो बार से सत्ता से बाहर कांग्रेस के लिए सत्ता में आना बड़ा चैलेंज है. यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपने संगठन को मजबूत करने के साथ ही संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विशेष जोर दे रही है. ताकि बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव से पहले मजबूत किया जा सके. चुनाव जीतने का सबसे बड़ा फॉर्मूला बूथ से ही जुड़ा होता है. यही वजह है कि राजनीतिक पार्टियां, ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ फॉर्मूले पर काम कर रही है.
इसी क्रम में 5 अगस्त को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में उत्तराखंड प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई थी. बैठक में अगस्त और सितंबर महीने के लिए संगठनात्मक कार्यक्रमों पर मंथन करते हुए कार्यक्रम जारी किए गए. इसके तहत प्रदेशभर में ‘तिरंगा यात्रा’ और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है.
यही नहीं, 16 अगस्त को कुमाऊं मंडल के सभी जिला अध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों की बैठक हल्द्वानी में होगी. साथ ही लोकसभावार बैठक, बूथ सशक्तिकरण अभियान, शक्ति केंद्रों की बैठक, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात और बैठकों के साथ तमाम संगठनात्मक कार्य किए जाएंगे. ऐसे में भाजपा की ओर से आगामी चुनावी कार्यक्रम तय किए जाने के बाद अब उत्तराखंड कांग्रेस भी जल्द ही चुनावी कार्यक्रम तय करने जा रही है. ताकि कांग्रेस आगामी चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकें.
इसी क्रम में कांग्रेस की 17 अगस्त को दिल्ली में बड़ी बैठक होने जा रही है. ज्यादा जानकारी देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि,
आगामी कार्यक्रम तय किए जाने हैं. इसके लिए आगामी 17 अगस्त को दिल्ली में बैठक होने जा रही है. बैठक में आगामी एक से डेढ़ महीने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी. राष्ट्रीय नेतृत्व से ये भरोसा मिला है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और भी कार्यक्रम उत्तराखंड में करेंगे. प्रदेश कांग्रेस जितने भी कार्यक्रम मांगेगी, उतने कार्यक्रम राष्ट्रीय नेताओं के दिए जाएंगे.
-गणेश गोदियाल, अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस-
गणेश गोदियाल ने कहा कि, आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारी तो है ही, लेकिन उससे बड़ी तैयारी जनता की है. प्रदेश की जनता चुनाव को लेकर तैयार बैठी हुई है. बस मौके का इंतजार कर रही है. लोग एक- एक दिन गिन रहे हैं. भाजपा के इस तानाशाही, भ्रष्टाचारी और अत्याचारी सरकार के खिलाफ एक एक दिन कैसे गुजरे, लोग इंतजार में बैठे हैं. प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी, नौकरियों को बेचने का कारोबार, पेपर बेचने का कारोबार समेत अन्य तमाम मुद्दे हैं. जिनको लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाएगी.
