सरदार वल्लभभाई पटेल मेडिकल कॉलेज मेरठ में डॉ रविकांत का व्यवहार अच्छा नहीं है दिव्यांगों एवं मरीज के परिजनों के प्रति
जिला मेरठ में थाना मेडिकल के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल मेडिकल कॉलेज स्थित है यहां पर दूर दराज से आने वाले मरीजो एवं उनके परिजनों के प्रति डॉक्टर रविकांत का व्यवहार अच्छा नहीं है रविकांत ICCU वार्ड मे मरीजों का उपचार करने का कार्य करते हैं रविकांत दिव्यांगों के साथ बदसलूकी ऊंची आवाज में बात करते हुए रोब झाड़ते हैं और मरीजो के परिजन से साफ शब्दों में किसी से भी शिकायत करने की धमकी देते हैं
ऐसी ही शिकायतें अन्य मरीज के परिजनों ने रविकांत के लिए कही है और अधिकतर उपचार के लिए बाहर से ही दवाई लाने की बातें कही है इतने बड़े अस्पताल में शुगर एवं अन्य कुछ जांचे करने के लिए डॉक्टर रविकांत बाहर की दवाइयो एवं जांचों पर ही निर्भर है दूर दराज से आए मरीज के परिजनों को पर्चा लिखकर थमा देते हैं
यहां पर जिला गाजियाबाद से उपचार के लिए आने वाले सुशील के परिजन अरुण कुमार उपचार कराने सुशील के
डिस्चार्ज के पेपर लेने के बाद दवाइयो की जानकारी लेने के लिए डॉक्टर रविकांत से बात करने लगे इसी बीच रविकांत भड़क उठे और ऊंची आवाज में बात करते हुए मरीज के परिजन अरुण तोमर से बदसलूकी से पेस आए पीड़ित परिवार का सदस्य एक दिव्यांग व्यक्ति है जो कि मरीज की दिन रात मेहनत करते हुए देखभाल कर रहा था अरुण के पैर में आर्टिफिशियल जूता लगा होने के कारण पैर में परेशानी उत्पन्न होने लगी अरुण का केवल डॉक्टर रविकांत से दवाइयो की डोज किस प्रकार से मरीज को देनी है यह समझना था डॉक्टर ने दवाइयों को अपने ऑफिस में लाने के लिए कहा दिव्यांग ने डॉ रविकांत से इतना ही कहा कि सर मेरा पर आर्टिफिशियल लगा हुआ है जिसके कारण में अधिक भाग दौड़ करने में असमर्थ हूं मरीज के बेड पर आकर समझा दीजिए जिससे हम घर की तरफ रवाना हो जाए लेकिन निर्दय रविकांत ने एक न सुनते हुए पीड़ित अरुण तोमर को ऑफिस से बाहर जाने की धमकी दे डाली अरुण ने अस्पताल में लगभग 6 से 7 दिन रहने के पश्चात डॉक्टर रविकांत की बहुत सीखामियो पर ध्यान रखते हुए सोशल मीडिया X पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेल्थ मिनिस्टर बृजेश पाठक जिला अधिकारी मेरठ को शिकायत की है
