रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में दो दिवसीय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है. समारोह के पहले दिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस दौरान संस्थान के प्रोफेसर, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे. मेधावी छात्रों को विभिन्न पदकों और उपाधियों से सम्मानित किया गया.
आज शनिवार 19 दिसंबर को एक हजार 277 ग्रेजुएट स्टूडेट्स को डिग्रियां प्रदान की गई. वैसे संस्थान की ओर से कुल 2 हजार 701 स्टूडेट्स की डिग्रियां दी जाएगी, जिनमें 649 छात्राएं शामिल है. देश की मामचीन संस्थान आईआईटी रुड़की का परिसर दीक्षांत समारोह के मौके पर खास नजर आया है. देश के अलग-अलग हिस्सों से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उपाधि ली. वही कई स्टूडेंट्स के माता-पिता भी दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और अपने बच्चों की उपलब्धि के इस खास पल के गवाह बने.
जानिए किसको क्या मिला: उन्होंने कहा कि आज उनके बच्चों को उनकी मेहनत का फल मिल रहा है. कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विशेष सम्मान भी दिया गया.
- श्री वर्धन को राष्ट्रपति गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया
- नवनीत कुमार को डायरेक्टर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया.
- भारत के राष्ट्रपति डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल आशी जैन को मिला.
पदक मिलने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर आइआइटी रुड़की के गोल्ड मेडलिस्ट छात्र श्री वर्धन ने बताया कि उनकी ब्रांच केमिकल साइंस है और अभी वह साइंटिस्ट की जॉब कर रहे हैं. आगे चलकर उन्हें देश की सेवा करनी है. उन्होंने बताया कि आईआईटी का सबसे बड़ा योगदान ऑलराउंडर डिप्लोमैट रहता है.
श्री वर्धन के पिता रोटेरियन बालाजी का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई में पहले से ही होनहार रहा है. फैमली का सपोर्ट वर्धन को अच्छा मिला है. उनकी पत्नी यानी वर्धन की मां ने अपना काम छोड़कर बेटे के ऊपर फोक्स किया.
वहीं गोल्ड मेडलिस्ट छात्र नवनीत कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार और उन प्रोफेसर को दिया, जिन्होंने उन्हें लगातार मोटिवेट किया. उनका प्रयास हमेशा से रहा है कि अगर पढ़ाई करनी है तो उसके लिए रूटीन बनाना पड़ता है. उस पर फोकस करना पड़ता है. नवनीत कुमार बताते है कि वो एक दिन पहले ही तय कर लेते थे कि कल उन्हें क्या करना हैं.
पीएचडी के 518 स्टूडेट्स को डिग्रियां दी जाएंगी: इसी के साथ संस्थान की ओर से छात्रों को आगे भी अपने ज्ञान और तकनीकी क्षमता का उपयोग देश और समाज के विकास में करने के लिए प्रेरित किया गया. आईआईटी रुड़की का यह दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए शिक्षा पूरी करने के साथ-साथ नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का भी अवसर बना. वहीं कल रविवार 20 सितंबर रविवार को पीएचडी के 518 स्टूडेट्स को डिग्रियां दी जाएंगी.
