हिमाचल प्रदेश में प्री-प्राइमरी स्कूलों के लिए नर्सरी शिक्षकों की भर्ती की तैयारी

राज्य हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में नर्सरी शिक्षकों की भर्ती के लिए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव भेजा जाएगा। एक साल का नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स करने वालों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवाने या जेबीटी को इन कक्षाओं की जिम्मेवारी सौंपने की तैयारी है। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री ने एनटीटी शिक्षकों की भर्ती के संबंध में सभी पात्र चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में एसएमसी, कंप्यूटर शिक्षक एलडीआर और पीजीटी, डीपीई एलडीआर मामलों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने 22 फरवरी को एलडीआर करने और सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। सहायक प्राध्यापकों की भर्ती से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई और इन्हें शीघ्र हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजने के निर्देश दिए गए। शिक्षा मंत्री ने छात्रावासों को प्राथमिकता बताते हुए उनके सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। विशेष रूप से माजरा स्थित छात्रावास की स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां आ रही समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। प्रशिक्षकों से जुड़े मुद्दों जैसे उपलब्धता, सहयोग प्रणाली, कार्य परिस्थितियां और समय पर तैनाती को शीघ्र सुलझाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अकादमिक व अन्य आवश्यक सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण में से किसी एक को चुनने की मजबूरी न हो। इसके लिए शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विलय या युक्तिकरण से प्रभावित विद्यार्थियों के लिए परिवहन सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने आगामी सत्र से विद्यालयों में बागवानी और वानिकी को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। टैबलेट वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए शेष टैबलेट शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को कॉलेजों में जल्द लागू करने के लिए कहा

चार वर्षीय बीएड, बीपीएड और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को अधिसूचना के बाद महाविद्यालयों में शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से ये पाठ्यक्रम संचालित हो सकें। अन्य निर्देशों में महाविद्यालय रैंकिंग के लिए समय-सीमा तय करना, पूर्व घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा, उप निदेशकों की बैठक की तिथि तय करना और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना शामिल रहा।

बजट सत्र के लिए प्रस्ताव और सुझाव मांगे

शिक्षा मंत्री ने आगामी बजट सत्र के लिए विस्तृत प्रस्ताव और सुझाव प्रस्तुत करने को भी कहा, जिसमें छात्रावासों, आधारभूत ढांचे, प्रशिक्षण सहयोग, प्रतिभा विकास कार्यक्रमों, शैक्षणिक सुविधाओं और छात्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में सचिव शिक्षा राकेश कंवर, परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा राजेश शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली भी मौजूद रहे।

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