अयोध्या। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर अयोध्या की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह जताया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि पुनरीक्षण की आड़ में मतदाताओं को चुनिंदा तौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन पांडे ने दावा किया कि अयोध्या विधानसभा क्षेत्र में करीब 95 हजार और महानगर क्षेत्र में लगभग 75 हजार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनके मुताबिक कुल मिलाकर 1 लाख 70 हजार मतदाताओं को सूची से जुड़े नोटिस भेजे गए हैं, जो अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।
पांडे ने आरोप लगाया कि एक ही नाम से तीन-तीन वोट बनाए गए थे और जब ऐसे नाम हटाए गए तो अब इसे मुद्दा बनाकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर प्रक्रिया पारदर्शी है तो फिर इतने बड़े पैमाने पर नोटिस जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी।
सपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष समुदायों, खासकर मुस्लिम और यादव मतदाताओं के नामों को पक्षपातपूर्ण तरीके से सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर निष्पक्षता न बरतने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय तक ले जाएगी।
फिलहाल एसआईआर को लेकर उठे इन आरोपों के बाद जिले में राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं।
